मध्यप्रदेश

3 लाख विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा देकर किया कौशल उन्नयन

भोपाल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के कौशल उन्नयन के लिये इस वर्ष 3 लाख विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दिलाई गई है। इस शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 2383 हायर सेकण्ड्री स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा प्रारंभ की गई है।

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नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में विद्यार्थियों को सुलभता से रोजगार उपलब्ध कराने के लिये व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दिया गया है। नई शिक्षा नीति में इस बात पर ध्यान दिया गया है कि तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था में हम सभी का किस प्रकार से योगदान हो। बढ़ती हुई आबादी के साथ जनता के लिये उनकी शिक्षा, कौशल तथा आकांक्षाओं के अनुरूप रोजगार का सृजन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसी चुनौती का सामना करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शालाओं में विद्यार्थियों को उनकी रूचि के अनुसार वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए व्यावसायिक शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिये स्कूलों में नये ट्रेडों की शुरूआत की गई है। इसके लिये प्रशिक्षकों की सेवा भी ली जा रही है।

शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये प्रशिक्षण पर जोर

प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये इस वर्ष 40 हजार से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिलाया गया है। प्रशिक्षण की व्यवस्था में प्रारंभिक तौर पर मास्टर ट्रेनर्स भी तैयार किये गये हैं।

ड्रॉप-आउट बच्चों की संख्या कम करने के लिये प्रयास

सरकारी स्कूलों में कक्षा 5वीं से 6वीं, कक्षा 8वीं से 9वीं और कक्षा 10वीं से 11वीं में प्रवेश के समय अनेक विद्यार्थी स्कूल बदलते हैं। कुछ विद्यार्थी इस प्रक्रिया के दौरान आगामी कक्षा में प्रवेश ही नहीं ले पाते हैं। इस वजह से छात्रों के ड्रॉप-आउट की संभावना बढ़ जाती है। स्कूल शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि सभी उत्तीर्ण विद्यार्थी आगामी कक्षा में प्रवेश लें। ऐसे विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और प्राचार्य प्रत्येक विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों से चर्चा कर निकटस्थ विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिये ठोस रूप से काम कर रहे हैं। विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को अपने जिले में विद्यार्थियों की ड्रॉप आउट संख्या कम करने पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है।

 

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