मध्यप्रदेश

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती, लापरवाही पर नोटिस एवं ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई के निर्देश

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती, लापरवाही पर नोटिस एवं ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई के निर्देश

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मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने 35 निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण, उत्कृष्ट कार्यों की सराहना

भोपाल

प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई औचक निरीक्षण व्यवस्था अंतर्गत 20 जुलाई को मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा भोपाल, जबलपुर, गुना, इंदौर, सीधी, उज्जैन एवं छतरपुर जिलों में 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में की गई।

समीक्षा के दौरान भरत यादव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गुना जिले में मावन-पिपरिया सड़क निर्माण कार्य तथा उज्जैन जिले में डोंगला-लासुडिया श्रीपथ सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार गुना में निर्माणाधीन खेल परिसर के कार्य में कमियां पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने एवं संबंधित कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

भोपाल संभाग के बरखेड़ी देव परिक्रमा मार्ग पर सड़क सुरक्षा संबंधी कमियां पाए जाने पर संभावित दुर्घटना स्थलों पर तत्काल क्रैश बैरियर लगाने तथा प्रदेश के अन्य संवेदनशील स्थलों पर भी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान 19 अन्य निर्माण कार्यों में पाई गई कमियों के निराकरण के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

उत्कृष्ट कार्य की सराहना

इंदौर जिले में निर्माणाधीन 250 सीटर कन्या छात्रावास का कार्य उत्कृष्ट गुणवत्ता का पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री श्रीमती आरती यादव, सहायक यंत्री राजेश मकवाने एवं उपयंत्री जितेन्द्र भल्ला की सराहना की गई।

बैठक में सभी अधिकारियों को निरीक्षण प्रतिवेदनों के अनुरूप समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने, पुल-पुलियों के मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने, जर्जर पुलों के नए निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

 

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