मध्यप्रदेश

अमानक बीज मामले में सख्ती, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के निर्देश पर नूनहेन्स कंपनी के खिलाफ FIR

धार / खरगोन
मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए भारी नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। किसानों ने बताया कि अमानक बीज और रोपे के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों के अनुसार, उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और रोपे खरीदे थे। लेकिन बुआई के बाद फसल में सही उत्पादन नहीं हुआ। करेला के फल छोटे रह गए, पीले होकर गिरने लगे और उत्पादन में भारी गिरावट आई। इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा। 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज
किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

 अमानक बीज की फरवरी 2026 में की थी शिकायत 
जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया है कि किसानों को अमानक बीज और उन्हीं से तैयार रोपे प्रमाणित बताकर बेचे गए थे। इससे उनकी फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा। किसानों ने पहले भी फरवरी 2026 में इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद विभागीय जांच कराई गई थी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ फसल खराब होने का मामला नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, पूंजी और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए। 

 “रूबासटा” किस्म के अमानक बीज पर प्रतिबंध
इसके साथ ही, करेला की “रूबासटा” किस्म के अमानक बीज पर प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें न्याय मिलेगा और नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई से किसानों में विश्वास बढ़ा है कि उनकी शिकायतों पर सरकार गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। 

Related Articles

Back to top button