राजस्थान

अरावली संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी का राजस्थान दौरा, 6 से 10 अगस्त तक होगा फील्ड सर्वे

जयपुर 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

अरावली पर्वतमाला की परिभाषा, पर्यावरणीय अखंडता और संरक्षण से जुड़े मुद्दों के अध्ययन के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी (एचपीसी) 6 से 10 अगस्त तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के अरावली क्षेत्र का दौरा करेगी। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) के महानिदेशक की अध्यक्षता वाली समिति फील्ड विजिट के दौरान पर्यावरण, भू-वैज्ञानिक संरचना, जल संसाधनों, जैव विविधता, खनन गतिविधियों, भूमि उपयोग और स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़े पहलुओं का जमीनी आकलन करेगी।

समिति विभिन्न हितधारकों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। इस संबंध में आईसीएफआरई ने राजस्थान के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर वरिष्ठ नोडल अधिकारी नियुक्त करने और दौरे के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। पत्र में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 मई 2026 को समिति का गठन किया था। राज्य सरकार को 27 जून को भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं होने पर दोबारा पत्र लिखा गया है।

राजस्थान में पर्यावरण और खनन गतिविधियों का होगा अध्ययन
समिति अरावली क्षेत्र में पर्यावरणीय स्थिति, भू-वैज्ञानिक संरचना, जल संसाधनों, जैव विविधता, खनन गतिविधियों, भूमि उपयोग में बदलाव और स्थानीय लोगों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभावों का प्रत्यक्ष अध्ययन करेगी। इसका उद्देश्य संरक्षण और विकास के बीच संतुलन की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सुप्रीम कोर्ट को वैज्ञानिक आधार पर सुझाव देना है।

हर दिन हितधारकों से करेगी संवाद
फील्ड विजिट के बाद प्रतिदिन संबंधित क्षेत्र में बहु-हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की जाएगी। इनमें पर्यावरणविद, संरक्षण विशेषज्ञ, स्वयंसेवी संस्थाएं, खनन पट्टाधारक, परियोजना संचालक, किसान, स्थानीय ग्रामीण, खदान श्रमिक, शोध संस्थानों के विशेषज्ञ और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को सभी संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर उन्हें रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

ऐसा रहेगा कमेटी का दौरा कार्यक्रम
हाई पावर कमेटी 6 अगस्त को दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद क्षेत्र का दौरा करेगी। 7 अगस्त को समिति फरीदाबाद से कोटपूतली, नीमकाथाना, खंडेला होते हुए सरिस्का पहुंचेगी। 8 अगस्त को सरिस्का, जयपुर और अजमेर का भ्रमण करेगी। 9 अगस्त को अजमेर, ब्यावर, राजसमंद और उदयपुर का दौरा प्रस्तावित है। अंतिम दिन 10 अगस्त को समिति उदयपुर, पिंडवाड़ा और माउंट आबू क्षेत्र का निरीक्षण करेगी।

सुबह फील्ड विजिट, शाम को जनसुनवाई
समिति प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक फील्ड विजिट करेगी। इसके बाद शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक संबंधित क्षेत्र में आमजन, पर्यावरण विशेषज्ञों, स्थानीय समुदायों और अन्य हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां सुनेगी।

Related Articles

Back to top button