मध्यप्रदेश

विज्ञान मेला से प्रतिभाओं को मिलेगा आगे आने का मौका

नगरीय विकास मंत्री श्री विजयवर्गीय ने 12वें विज्ञान मेला को किया संबोधित

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भोपाल 
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार विज्ञान से जुड़ी प्रतिभाओं को अपने नवाचार के लिये लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का क्षेत्र विकास की रफ्तार को और तेज करता है। मंत्री श्री विजयवर्गीय सोमवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित 12वें भोपाल विज्ञान मेला के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। विज्ञान मेला का आयोजन विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में लगाया गया था।

मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि विज्ञान से जुड़ी संस्थाओं को केन्द्र और राज्य सरकार दोनों का सहयोग मिल रहा है। कोविड काल का जिक्र करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के वैज्ञानिकों को कोविड की दवाई और वैक्सीन तैयार करने के लिये प्रोत्साहित किया था। इस प्रोत्साहन से कोविड की दवाई और वैक्सीन बनाकर भारत ने दुनिया को अपनी वैज्ञानिक क्षमता का संदेश दिया था। कोविड की वैक्सीन न केवल देश के नागरिकों को लगाई गई बल्कि दुनिया के अनेक जरूरतमंद देशों को भी उपलब्ध कराई गई।

रक्षा क्षेत्र में चल रहे हैं लगातार शोध
मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में देश में लगातार शोध हो रहे हैं। रक्षा उपकरणों मामले में भारत काफी हद तक आत्मनिर्भर हुआ है। आयुर्वेद पद्धति की चर्चा करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश की प्राचीन परंपराओं ने दुनिया में अपनी साख बनाई है। आज अनेक देश आयुर्वेद को अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि फर्जिलाइजर ने हमारी खेती की जमीन को काफी नुकसान पहुंचाया है। जरूरत इस बात की है कि हम जैविक और प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ें। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने विद्यार्थियों को विज्ञान को रचनात्मक कामों में उपयोग करने की समझाइश दी। कार्यक्रम को वरिष्ठ वैज्ञानिक पूर्व निदेशक डॉ. शंकर विनायक नाखे ने भी संबोधित किया। समापन सत्र में निदेशक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रो. सुधीर भदौरिया, अध्यक्ष भोपाल विज्ञान मेला डॉ. अनिल कोठारी, अध्यक्ष मध्य भारत प्रांत विज्ञान भारती डॉ. अमोघ ने भी संबोधित किया। विज्ञान मेले में 350 से अधिक विज्ञान मॉडल प्रस्तुत किये गये। भोपाल की अनेक शिक्षण संस्थाओं ने विज्ञान से जुड़े स्टॉल लगाये। 

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