मध्यप्रदेश

महाकाल मंदिर में घटना से सबक लेते मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा का नया प्लान तैयार किया

उज्जैन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था अब और भी पुख्ता होगी। इसके लिए नया प्लान तैयार कर लिया गया है। योजना के तहत मंदिर परिक्षेत्र को छह सेक्टर में बांटा गया है।

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प्रत्येक सेक्टर में पुलिस, होमगार्ड व प्राइवेट कंपनी के गार्डों की संयुक्त टीम तैनात रहेगी। व्यवस्था के सुचारू संचालन के प्रत्येक सेक्टर में एक बीट प्रभारी तैनात किया जाएगा। सेक्टर में होने वाली घटना, दुर्घटना की जिम्मेदारी बीट प्रभारी की रहेगी।

इस घटना के बाद उठाया गया कदम

    चार दिन पहले एक युवक सुरक्षा व्यवस्था को धता बता कर गर्भगृह में घुस गया था। युवक ने महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग को स्पर्श भी कर लिया था। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।

    यही नहीं अब तक इस घटना के लिए किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी है। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का नया प्लान तैयार कराया है।

    इसके अंतर्गत गर्भगृह व नंदी व गणेश मंडपम का क्षेत्र, मंदिर परिसर तथा महाकाल महालोक को शामिल कर संपूर्ण परिक्षेत्र को छह सेक्टर में विभाजित किया गया है। हर सेक्टर का एक बीट प्रभारी तथा उसकी टीम रहेगी।

    यह टीम अपने-अपने क्षेत्र की व्यवस्था को प्रभावी रूप से संभालेगी। प्रभावी रूप से काम करने वाली टीम पुरस्कृत होगी तथा घटना दुर्घटना के लिए जिम्मेदारी भी तय होगी।

महाकाल महालोक थाना बनेगा

महाकाल मंदिर की सुरक्षा व दर्शन व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ .मोहन यादव ने महाकाल महालोक थाना बनाने की घोषणा की है। जल्द ही नया थाना अस्तित्व में आएगा। सुरक्षा का नया प्लान इसकी प्रारंभिक तैयारी बताया जा रहा है।

पुलिस चौकी से निर्धारित होगी ड्यूटी

सुरक्षा व्यवस्था के नए प्लान को अमल में लाते ही पुरानी व्यवस्था भंग कर दी जाएगी। अब तक प्राइवेट एजेंसी क्रिस्टल के सुरक्षा अधिकारी द्वारा ड्यूटी चार्ट बनाया जाता है। इसी के आधार पर गार्डों के पाइंट तय होते हैं। लेकिन नई व्यवस्था के तहत महाकाल मंदिर की पुलिस चौकी से पूरी व्यवस्था संचालित होगी।

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