भारत

अफजाल अंसारी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का साधुवाद, सांसद बोले– इस मुद्दे पर पूरी तरह साथ हूं

नई दिल्ली
ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को एक पत्र भेजकर गाय की गरिमा और सुरक्षा का विषय उठाने के लिए साधुवाद दिया है। इस पर खुशी जताते हुए सांसद अफजाल अंसारी ने कहा है कि वह विभिन्न मंचों से इस मुद्दे को उठाते रहते हैं और समय आने पर संसद में भी उठाएंगे। सांसद ने कहा कि इस्लाम धर्म के मानने वालों की गाय के प्रति भावना के सवाल पर लोगों में गलत धारणा भर दी गई है। गाय का घी सभी के लिए बहुत मुफीद है, अमृत समान है। मुसलमानों के बारे में यह गलत प्रोपेगंडा है। इस देश में हिंदू धर्म की धार्मिक मान्यताओं को आहत करने की मुसलमानों की कभी मंशा नहीं रही।
 
सांसद अफजाल अंसारी ने कहा कि बचपन में जब हमें नजला हो जाता था तो मां गाय का पुराना घी मंगाकर छाती पर मल कर सेंक देती थी। यह सर्वोत्तम दवा मानी जाती थी। माना जाता था कि नजला और छाती की जकड़न ठीक हो जाएगी। सांसद ने ये बातें यू ट्यूब चैनल ‘बृजभूषण मारकंडेय’ से बातचीत के दौरान कहीं। अफजाल अंसारी ने कहा कि लोगों में गलत धारणा भर दी गई है कि मुसलमान गाय का मांस खाने के लिए आतुर है। ऐसा है नहीं और यदि कोई ऐसा सोचता है तो वह या तो अपने नबी की बातों को समझ ही नहीं पाया या पढ़ नहीं पाया या सुन नहीं पाया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

सांसद ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जब गोरक्षा के लिए कदम उठाया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। गाजीपुर के सांसद ने कहा कि शंकराचार्य जी के इस अभियान का मैं समर्थक हूं। सार्वजनिक मंचों पर प्रशंसा करता हूं। समय आएगा तो संसद में भी बोलूंगा।

गोरक्षा के लिए मुखर हैं शंकराचार्य
बता दें कि ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लंबे समय से गौ रक्षा के लिए मुखर हैं। वह गाय को राष्ट्र माता घोषित करने, गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और पूरे देश के लिए समान कानून बनाने की मांग करते हैं। अपनी इस मांग को लेकर उन्होंने 'गौ प्रतिष्ठा यात्रा' जैसे आंदोलन चलाए हैं। वह देश भर में गौ रक्षा के प्रति जन-जागृति लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वह राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील करते हैं। वह लोगों से गौ रक्षक उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील करते हैं।

 

Related Articles

Back to top button