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पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के आंतरिक कक्ष को 46 साल बाद खोला गया, सुरंग का क्या है राज, जानें पूरा मामला

ओड़ीसा
पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के आंतरिक कक्ष को 46 साल बाद खोला गया। इसे खोलते समय पुरी के राजा समेत प्रशासनिक अधिकारी और ASI की टीम मौजूद थी। जानकारी अनुसार रत्न भंडार से निकाले गए बक्सों को अभी स्ट्रांग रूम में रखा गया है। इन बक्सों में कई साल पुराने रत्न होने की बात की जा रही है। जब ASI के द्वारा आंतरिक कक्ष को खोला गया तब कुछ देर के लिए श्रध्दालुओं के लिए प्रवेश बंद कर दिया गया था।

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आंतरिक कक्षों की जांच करेगी ASI की टीम
ASI की टीम कक्षों के खाली होने के बाद अंदर जाकर सर्वे करेगी। सर्वे करने के लिए ASI की टीम अलग अलग टूल्स का प्रयोग करेगी औऱ जब सर्वे खत्म हो जाएगा तब स्ट्रांग रूम में रखे गए रत्न भंडार के तमाम बक्सों को फिर से यहां वापस रख दिया जाएगा।

आंतरिक कक्ष में सुरंग होने की कही जा रही बात
जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में कई सुरंग होने की खबर आ रही है। औऱ ASI की टीम लेजर लाइट का उपयोग करके सुरंगों की गहराई का मापन करने की तैयारी में। हालांकि अभी तक ASI ने इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं दी है।

रत्न भंडार खोलने का कारण
ASI के सुपरिंटेंडेंट डीबी गडनायक ने जानकारी देते हुए कहा कि रत्न भंडार को मरम्मत के लिए खोला गया है। सबसे पहले रत्न भंडार को सर्वे होगा। जगन्नाथ मंदिर मैनेजमेंट कमेटी के चीफ जस्टिस रथ के मुताबिक दोनों रत्न भंडार के दोनों हिस्सों में नए ताले लगा दिए गए हैं। रत्न भंडार से निकाले गए कीमती सामानों की डिजिटल लिस्टिंग की जाएगी।

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