भारत

कोलकाता के आरजी कर मामले की पीड़िता की मां ने PM मोदी से लगाई इंसाफ की गुहार, मांगा मिलने का समय

कोलकाता
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेप-मर्डर का शिकार हुई महिला डॉक्टर की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंसाफ की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि वो पीएम मोदी से मिलना चाहती हैं. शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बोलते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, "मैं पीएम से मिलना चाहती हूं. उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने और हमारी बेटी के लिए न्याय की हमारी अपील पर विचार करने की मांग करना चाहती हूं."

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

उन्होंने कहा, "हमारी बेटी ने बड़े सपने देखे थे. हमने कभी नहीं सोचा था कि उसे इस तरह मरना पड़ेगा. उसे हमें छोड़े हुए सात महीने हो गए हैं, लेकिन न्याय कहां है? हमारे पास मृत्यु प्रमाण पत्र भी नहीं है. यदि एक महिला डॉक्टर अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित है, तो वो कहां सुरक्षित रह सकती है?" उनकी की इच्छा पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी विधायक अग्निमित्र पॉल ने कहा, "प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगने की एक प्रक्रिया होती है. मुझे यकीन है कि पीएम उन्हें समय देंगे और अपील सुनेंगे."

तृणमूल कांग्रेस की नेता और राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, "इस देश में किसी को भी प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगने और उनसे मिलने का अधिकार है. लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह हमारी नेता ममता बनर्जी ही थीं, जिन्होंने पहला कदम उठाया था और अपराधी को गिरफ्तार किया गया था." इस केस में 20 जनवरी को सियालदह कोर्ट का फैसला आया था. इसमें कोलकाता पुलिस के नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी.

इससे पहले पीड़िता माता-पिता ने ईमेल के जरिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए समय मांगा था. लेकिन राष्ट्रपति भवन की तरफ से बताया गया कि समय नहीं होने की वजह से मुलाकात संभव नहीं हो सकेगी. इसके बाद दिल्ली में सीबीआई हेडक्वार्टर में जांच एजेंसी के डायरेक्टर से उनकी मुलाकात हुई थी. पीड़िता के पिता ने कहा था, "देखिए हम इस देश में किस स्थिति में रह रहे हैं. जहां राष्ट्रपति को खुद आगे आकर हमसे मुलाकात करनी चाहिए थी, वहां हमें 26 फरवरी (बुधवार) को जवाब मिलता है कि राष्ट्रपति के पास मिलने का समय नहीं है. मैं इसी देश का नागरिक हूं. लेकिन ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति ने मुझे नागरिक मानने से इनकार कर दिया. ये बेहद दुखद बात है".

उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से भी समय मांगा था. पीड़िता के माता-पिता 27 फरवरी को नई दिल्ली आए थे. सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद से मुलाकात कर न्याय की बात दोहराई. पीड़िता के पिता ने कहा था, "हमने जांच के दौरान सीबीआई द्वारा कदमों पर विस्तार से बात की है. सियालदह कोर्ट के फैसले पर चर्चा की और अनुरोध किया कि मेरी बेटी को जल्द से जल्द न्याय मिले. बेटी के डेथ सर्टिफिकेट जो कि अब तक नहीं मिला है, उसके बार में भी जानकारी साझा की है.''

Related Articles

Back to top button