राजनीति

अजीत पवार का बड़ा बयान: दोनों गुटों के कार्यकर्ता बनना चाहते हैं एक, परिवार का तनाव भी खत्म

मुंबई
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजीत पवार का कहना है कि एनसीपी के दोनों गुट के कार्यकर्ता एक होना चाहते हैं और पवार परिवार के अंदर सभी तनाव खत्म हो गए हैं। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में अजीत पवार ने कहा, "दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक होना चाहते हैं। दोनों एनसीपी अब साथ हैं। हमारे परिवार में सभी तनाव खत्म हो गए हैं।" लगभग दो साल पहले शरद पवार की एनसीपी से अजीत पवार ने बगावत कर दी थी और महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा बन गए थे। इसके बाद पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी। एक एनसीपी के प्रमुख अजीत पवार बने, जबकि दूसरा धड़ा शरद पवार की एनसीपी के साथ रहा।

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अब एनसीपी के दोनों गुट एक बार फिर से साथ आए हैं और पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, पिछले दिनों अजीत पवार ने यह भी कहा था कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर उनकी हालिया टिप्पणियों को मीडिया मे गलत तरीके से पेश किया था जबकि उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया था।

अजीत पवार ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, "मीडिया ने मेरे बयान को अलग तरह से पेश किया। मैंने आरोप नहीं लगाया था। महाराष्ट्र सरकार अच्छा काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में अच्छा काम हो रहा है। मैंने यही कहा था लेकिन मेरा पूरा बयान नहीं दिखाया गया। मैंने इसी आधार पर बयान दिया था।" उन्होंने मीडिया से कहा कि उनका बयान इस बात को उजागर करने के उद्देश्य से था कि महाराष्ट्र सरकार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रभावी रूप से काम कर रही है लेकिन उनके बयान के केवल चुनिंदा अंश ही प्रसारित किए गए।

उन्होंने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारें महाराष्ट्र में विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित कर रही हैं , हालांकि कार्यान्वयन में कमियों के कारण स्थानीय स्तर पर अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "केंद्र और राज्य सरकारें महाराष्ट्र के हर कोने में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रही हैं। केंद्र या राज्य सरकार द्वारा कोई भी विकास योजना लंबित नहीं रखी जा रही है।" पवार ने आगे कहा, "लेकिन सवाल यह है कि पिछले कई वर्षों से एक ही नेतृत्व में चल रहे नगर निगमों की क्या स्थिति रही है?"

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