भारत

चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, भारत बन रहा है एक विकसित समाज: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

अमरावती
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान दर्शाता है कि भारत वास्तव में एक विकसित समाज बन रहा है. मुर्मू ने यहां मंगलागिरी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समग्र स्वास्थ्य को निरंतर बढ़ावा देना तथा सभी के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करना इस संस्थान के प्रत्येक चिकित्सा पेशेवर का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘चिकित्सा पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनका महत्वपूर्ण योगदान यह दर्शाता है कि हम वास्तव में एक विकसित समाज बन रहे हैं. इससे यह तथ्य भी उजागर होता है कि अवसर मिलने पर हमारी बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करती हैं.’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना सहित कई योजनाएं शुरू की हैं और उपचार में कठिनाइयों का सामना करने वालों के लिए इलाज सुलभ बनाया है. मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के साथ-साथ जागरूक समाज की भी यह जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि कोई भी व्यक्ति वित्तीय या अन्य कारणों से चिकित्सा सेवाओं से वंचित न रहे.

राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय चिकित्सक अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर विकसित देशों में अग्रणी स्थान पर हैं. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों से लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए भारत आते हैं. उन्होंने कहा कि भारत विश्व मानचित्र पर किफायती चिकित्सा पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. उन्होंने कहा कि देश के चिकित्सक इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

उन्होंने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा देखभाल और सेवाएं प्रदान करने को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समग्र स्वास्थ्य देखभाल के संदर्भ में योगासन और प्राणायाम को आधुनिक दृष्टिकोण से भी स्वीकार किया गया है.

इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. एम्स-मंगलागिरि की आधारशिला 2015 में रखी गई थी और एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच को 30 अगस्त, 2018 को शामिल किया गया था, जो आज उत्तीर्ण हुए.

Related Articles

Back to top button