मध्यप्रदेश

पीएम आवास योजना के बहाने की ठगी, ठग ने लगाया 82 लाख का चूना, पुलिस ने आरोपित को सूरत से पकड़ा

इंदौर
अपराध शाखा ने एक ठग को गिरफ्तार किया है जो प्रधानमंत्री (पीएम) आवास योजना का झांसा देकर लोगों से ठगी करता है। आरोपित सस्ते मकान का झांसा देकर 82 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने आरोपित को गुजरात से पकड़ा है। वह नाम बदल कर धोखाधड़ी करता है।
 
12वीं तक पढ़ा है आरोपी
डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक आरोपित का नाम जतीन भाई मानिया है। उसके कई अलग पहचान भी थे, जैसे- दीपक तुरकर, शैलेष, नीरज पटेल, ऐके पटेल, संदीप पटेल। आरोपी गुजरात के भावनगर रहने वाला है।फिलहाल सूरत में छिप कर फरारी काट रहा था। उसके विरुद्ध चंदन पटेल, नमन सहित कईं लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोपित 12वीं तक पढ़ा है। वह ओएलएक्स और 99 एकड़ ऑनलाइन प्लेटफार्म से किराये के रूम सर्च कर लेता था।

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फर्जी आवंटन पत्र, बुकिंग रसीद, सेल्स टेंडर बनाता था
अलग-अलग शहरों में रुम लेकर रहता था। इसी दौरान लोगों से नजदीकी बढ़ा लेता था। आरोपित रुम पार्टनर व परिचितों को मानिया द बिजनेस एम्पायर का कर्मचारी बताता था। उन्हें पीएम आवास योजना के तहत इमारत बनाने का झांसा देता था। लोगों को सस्ते मकान-फ्लैट दिलाने का बोलकर रुपये ले लेता था। उन्हें फर्जी आवंटन पत्र, बुकिंग रसीद, सेल्स टेंडर तक बना कर दे देता था।

पुलिस ने आरोपित को सूरत से पकड़ा
डीसीपी के मुताबिक आरोपित ने सतपुड़ा परिसर, सुपर कोरिडोर, अरावली परिसर, भूरी टेकरी पर बन रहे फ्लैट दिखाए और सस्ते फ्लैट दिलाने का झांसा देकर 82 लाख रुपये ले लिए। प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपित मोबाइल बंद कर फरार हो गया। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपित को सूरत से पकड़ लिया।

फर्जी आरटीओ बनकर लाखों रुपये ठगे
डीसीपी के अनुसार आरोपित शातिर अपराधी है। वह बार बार नाम और नंबर बदल लेता है। उसने पूछताछ के दौरान मुंबई में फर्जी आरटीओ बनकर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी और मुंबई नगर पालिका निगम में नौकरी के नाम पर भी 20 लाख रुपयों की ठगी करना स्वीकारी है।

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