मध्यप्रदेश

खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए तकनीक को खेतों तक पहुंचाना जरूरी – मंत्री टेटवाल

भोपाल
राजगढ़ ज़िले के सारंगपुर विकासखंड के ग्राम बाबड़लया में विकसित कृषि संकल्प अभियान यात्रा में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा है कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है जिसके माध्यम से हम हर खेत तक तकनीक, प्रशिक्षण और समर्थन पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसान सशक्त नहीं होगा, तब तक देश की प्रगति अधूरी है। सरकार की यह प्राथमिकता है कि आधुनिक तकनीक और योजनाओं की जानकारी सीधे गांव और खेत तक पहुंचे।

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मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की आत्मा किसान हैं। खेती को लाभकारी बनाने के लिए नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी हस्तक्षेप समय की मांग है। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल खेती को आधुनिक बनाएगा, बल्कि इसे व्यवसाय का रूप देने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और पारंपरिक अनुभव के साथ नए प्रयोगों को जोड़कर अपनी उपज और आमदनी दोनों बढ़ाएं।

कार्यक्रम में ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन किसानों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन से कीटनाशकों का छिड़काव तेज़, सटीक और कम लागत वाला होता है। इससे समय की बचत के साथ-साथ कीटनाशकों की खपत भी घटती है। किसानों ने इस तकनीक को लेकर उत्साह दिखाया और कहा कि वे अपने खेतों में इसे ज़रूर आज़माना चाहेंगे।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण भी इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। वैज्ञानिकों ने बताया कि मिट्टी की जांच के बिना उर्वरकों का सही उपयोग संभव नहीं है। स्वाइल कार्ड के माध्यम से किसान अपनी भूमि की पोषण क्षमता को समझ कर उपयुक्त फसल और उर्वरक का चयन कर सकते हैं।

कार्यक्रम में शामिल कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने फसल चक्र, जल संरक्षण, जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट और प्राकृतिक कीटनाशकों जैसे विषयों पर भी किसानों को प्रशिक्षण दिया। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती योजना और कृषि यंत्र अनुदान योजना की भी जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि इन योजनाओं से न केवल आर्थिक मजबूती मिलती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से भी सुरक्षा मिलती है।

किसानों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा। 

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