ग्वालियरमध्यप्रदेश

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने मां बगलामुखी के किए दर्शन, नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

दतिया
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला अल्प प्रवास पर दतिया पहुंचे. उन्होंने पीतांबरा पीठ पहुंचकर मां बगलामुखी के दर्शन किए. साथ ही पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का अभिषेक किया. मीडिया से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम ने नेशनल हेराल्ड मामले में कहा, जब कोई गड़बड़ी घोटाला करता है और पकड़ा जाता है, तो वह ये स्वीकार नहीं करता कि उसने गलत किया है. कांग्रेस के नेता भी ऐसा कर रहे हैं.

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डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जिला अस्पताल में आगजनी और अन्य घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी रखी जाएगी. दमोह अस्पताल जैसा मामला सामने आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि कोई गलत काम करने का दुस्साहस न कर सके. सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रकिया चल रही है. इस साल दो जगह मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएंगे. प्रदेश के लिए 12 जगह टेंडर हो चुके हैं, शेष बचे जिलों में भी भविष्य में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. अस्पतालों में मरीजों को टेली मेडिसिन सुविधा मिले, इसके लिए भी शासन प्रयास कर रहा है.

प्रदेश के सभी जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज- शुक्ल

मीडिया से बातचीत में शुक्ल ने कहा कि जिला अस्पतालों में आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। दमोह जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इस वर्ष दो नए मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे। 12 स्थानों पर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा देने के लिए सरकार प्रयासरत है।

राजेंद्र शुक्ल महाकौशल एक्सप्रेस से सुबह लगभग साढ़े 4 बजे दतिया पहुंचे। सुबह 6 बजे पीतांबरा पीठ में दर्शन के बाद वे ग्वालियर के लिए रवाना हो गए। ग्वालियर में उनके स्थानीय कार्यक्रम और मेडिकल कॉलेज में जिला प्रशासन के साथ बैठक का कार्यक्रम है।

‘प्रसाद योजना’ से संवरेगी मां पीतांबरा की नगरी

गौरतलब है कि पीतांबरा पीठ अब आध्यात्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है. क्योंकि केंद्र सरकार ने इस दिशा में ‘प्रसाद योजना’ के तहत 44.24 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है. इस योजना से धार्मिक स्थलों का कायाकल्प होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण होगा. योजना का उद्देश्य भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाना है.

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