मध्यप्रदेश

शुद्ध जल का करें उपयोग, जलजनित रोगों से स्वयं को रखें सुरक्षित, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

भोपाल
वर्षा ऋतु में होने वाली जलजनित बीमारियों के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और दूषित जल से होने वाले रोगों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुद्ध जल का उपयोग करने एवं जलजनित रोगों से सुरक्षा के लिए सलाह दी गई है। दूषित पानी के सेवन से उल्टी-दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ जाती है। एडवाइजरी में कहा गया है कि रोगों से बचने के लिए सावधानियाँ और सुरक्षा उपाय अपनाकर स्वयं एवं परिवार को सुरक्षित करें।

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स्वास्थ्य विभाग एडवाइजरी में कहा है कि खानपान के लिए सदैव स्वच्छ एवं सुरक्षित उबला अथवा फिल्टर जल का ही प्रयोग करें। यदि पानी की शुद्धता संदिग्ध हो, तो उसे पहले उबालें, साफ कपड़े से छानें अथवा क्लोरीन की गोली डालें और कम से कम एक घंटे के बाद उसका सेवन करें। खाना बनाने, परोसने और खाने से पहले तथा शौच के बाद हाथों को साबुन और स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना अत्यंत आवश्यक है। यह सरल आदत कई रोगों से बचाव में सहायक होती है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सदैव ताजा पका हुआ भोजन एवं स्वच्छ खाद्य वस्तुओं का ही सेवन करें। अधिक समय पहले बना हुआ यात्री बासी भोजन न खाएं। भोजन एवं खाद्य सामग्री को पूरी तरह ढंककर रखें जिससे उन्हें मक्खियों, धूल अथवा अन्य गंदगी से दूषित होने से बचाया जा सके। बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, कटे हुए फलों और ठंडे पेयों का सेवन न करें ये अक्सर संक्रमण के वाहक होते हैं। फल एवं सब्जियाँ स्वच्छ पानी से धोने के बाद ही उपयोग में लाएं और उन्हें काटने के लिये स्वच्छ, ढंका हुआ चाकू प्रयोग करें। शौचालय को सदैव स्वच्छ रखें और घर एवं आस-पास के वातावरण की सफाई पर विशेष ध्यान दें।

 

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