हमर छत्तीसगढ़

ढाई लाख को ढाई करोड़ बनाने वाले तांत्रिक की पिटाई, नोटों की बारिश कराते वीडियो वायरल

बिलासपुर.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

शख्स ने 2.50 लाख को 2.50 करोड़ बनाने का झांसा दिया। कथित तांत्रिक विजय कुमार राज (48 साल) ने बिल्हा के सबंलपुरी में कांग्रेस समर्थित सरपंच पति के घर अनुष्ठान का वीडियो बनाया। जिसमें पैसों की गड्डी के सामने नारियल, अगरबत्ती रख पूजा की। फिर अचानक ऊपर से पैसों की बारिश होने लगी।

वीडियो देख झांसे में आकर कोरिया के 4 लोगों ने पैसा दे दिया। लेकिन जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो वे अपना पैसा वापस मांगने गए। तब तक तांत्रिक और उसके 4 साथी भाग गए। पीड़ितों ने उन्हें हाईवे में बीच सड़क रोककर पिटाई कर दी। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने दोनों पक्ष के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ठगी में कथित तांत्रिक संग 3 महिलाएं और 1 सरपंच पति भी शामिल हैं। आरोपी रिखीराम नवरंग बिल्हा के गांव संबलपुर से सरपंच पति है और कांग्रेस समर्थित है। यह तांत्रिक के अनुष्ठान में सहयोग देता था। विजय कुमार राज खुद को तांत्रिक बताता था। तीनों महिलाएं लोगों को झांसे में लाने का काम करती थी। लाखों रुपयों को करोड़ों में बदलने का दावा करती थी। इसी दावे के साथ 30 जनवरी को कोरिया निवासी 4 युवकों को बिल्हा बुलाया गया, जहां आरोपियों ने ‘पैसों की बारिश’ का नाटक रचा और उनसे ढाई लाख रुपए ठग लिए।

तांत्रिक विजय कुमार राज (48) कोरबा जिले के दीपका का रहने वाला है। वह 31 जनवरी को ठगी के पैसों को लेकर जा रहा था। इसी दौरान रात करीब साढ़े 3 बजे रतनपुर में एक ढाबे के पास टॉयलेट के लिए उसने अपनी कार रोकी। तभी 2 कार वहां आकर रुकी। जिसमें से ठगी के शिकार हुए 4 पीड़ित युवक उतरे और फिल्मी स्टाइल में विजय के साथ मारपीट शुरू कर दी। जिसके बाद हमलावर उसकी कार, 3 मोबाइल और करीब 8 हजार रुपए कैश लूटकर भाग गए।

इस घटना की सूचना मिलते ही SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की। टेक्निकल साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में अंबिकापुर और कोरिया पहुंची। जहां टीम ने 2 फरवरी को लूट मारपीट के चारों आरोपियों सरगुजा और कोरिया से गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई कार, मोबाइल, कैश और वारदात में इस्तेमाल की गई क्रेटा-अर्टिगा कार को भी जब्त कर लिया है।

Related Articles

Back to top button