मध्यप्रदेश

बोत्स्वाना से 28 फरवरी को कूनो पहुंचेंगे 8 चीते

भोपाल 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी महाद्वीप से चीतों का तीसरा बड़ा जत्था पहुंचने वाला है। बोत्स्वाना से एयरलिफ्ट किए गए 8 चीते (6 मादा और 2 नर) विशेष विमान से मध्यप्रदेश लाए जा रहे हैं। कूनो एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। अफ्रीका की धरती से आए फर्राटेदार धावक अब कूनों के जंगलों में वन पारिस्थितिकी को समृद्ध करेंगे।

ट्रांसलोकेशन की विस्तृत कार्ययोजना

बोत्स्वाना से चीतों की सुरक्षित अनलोडिंग इमिग्रेशन, कस्टम, पशु-चिकित्सा एवं सुरक्षा औपचारिकताएं पूर्ण किये जाने के बाद 28 फरवरी को सुबह 8:30 बजे ग्वालियर से भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों से चीतों को कूनो नेशनल पार्क के लिए रवाना किया जाएगा। चीते प्रातः 9:30 बजे कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षित लैंडिंग के लिए पार्क में 5 हेलीपैड बनाये गये हैं। पूरा अभियान अत्यंत सावधानी और वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के तहत संपन्न किया जाएगा। पार्क में बाड़े तैयार किए गए हैं, जहां चीते लगभग एक महीने तक क्वारंटाइन में रहेंगे।

‘प्रोजेक्ट चीता’ अब अपने प्रारंभिक चरण से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और सफल प्रजनन के चरण में प्रवेश कर चुका है। दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों में से 8 वर्तमान में कूनो में पूर्णतः स्थापित और स्वस्थ हैं। इनमें से 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है। दक्षिण अफ्रीकी माताओं से जन्मे 10 शावक जीवित और स्वस्थ हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा चीता ‘मुखी’ ने 5 शावकों को जन्म दिया है, जो इस परियोजना की ऐतिहासिक उपलब्धि है। ‘गामिनी’ दूसरी बार माँ बनी है। उसकी पहली गर्भावस्था से जन्में 3 सब-एडल्ट शावक स्वस्थ हैं और हाल ही में उसने 3 नए शावकों को जन्म दिया है। ‘वीरा’ अपने 13 माह के शावक के साथ खुले जंगल में विचरण कर रही है, जबकि ‘निर्वा’ अपने 10 माह के तीन शावकों के साथ संरक्षित बाड़े में है।

एशिया से लुप्त हो चुके चीतों का मात्र तीन वर्षों में सफल पुनर्स्थापन भारत के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक सशक्त उदाहरण बन चुका है। प्रजनन करती मादा चीतों, स्वस्थ दूसरी पीढ़ी के शावकों और नए आवासों में विस्तार के साथ यह स्पष्ट है कि चीता अब भारत की वन पारिस्थितिकी का पुनः अभिन्न अंग बन गया है।

Related Articles

Back to top button