मध्यप्रदेश

मछुआरों ने मुख्यमंत्री को रेट बढाने और चुनाव कराने ज्ञापन दिया

मंडला
 बरगी जलाशय में कार्यरत मंडला जिले की प्राथमिक दीपक मछुआ  समिति पाठा, आजाद समिति सिंगोधा, सुनैना समिति पदमी- मोहगांव, गुप्तेश्वर समिति सहजपुरी, दुर्गा समिति खम्हरिया, लोकेश्वरं समिति पिपरिया, शिव समिति किकरीया, नर्मदा मत्स्य समिति घाघा- ग्वारी एवं सहस्रबाहु मछुआरा समिति सुरंग देवरी- मानादेई  के अध्यक्षों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर कल मुख्यमंत्री के नाम  कलेक्टर मंडला को ज्ञापन दिया।

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जिसमें उल्लेख किया गया है कि मेजर और माइनर कार्प मछली पकङने की मजदूरी क्रमशः 34 और 20 रूपये प्रति किलो है। यह मजदूरी वर्तमान  महंगाई को देखते हुए बहुत ही कम है,इसमें बढोत्तरी किया जाए।बरगी जलाशय में लगातार मत्स्य उत्पादन कम होता जा रहा है। जिससे मछुआरों को रोजगार के लिए बाहर पलायन करने को बाध्य होना पड़ता है।इसलिए उत्पादन में गिरावट को लेकर विशेषज्ञों से अध्ययन कराया जाए और उनके सुझाव के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए।
 
  दूसरा महत्वपूर्ण मांग यह किया गया है कि ध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ द्वारा 7 वृहद और 19 मध्यम सहित कुल 26 जलाशयों का संचालन किया जाता है। 90 के दशक में राज्य मत्स्य विकास निगम को समाप्त कर मध्यप्रदेश राज्य मत्स्य महासंघ का गठन किया गया था। इसका उद्देश्य था कि जलाशय और मछुआरा विकास के लिए स्थानीय सक्रिय मछुआरा प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए समस्त गतिविधियां उनके अनुसार संपादित किया जाए। परन्तु 1999- 2000 से मध्यप्रदेश राज्य मत्स्य महासंघ का चुनाव नहीं कराया गया है और प्रशासक के माध्यम से कार्य संपन्न कराया जा रहा है।राज्य मत्स्य महासंघ का चुनाव जल्द से जल्द कराने की मांग किया गया है।कलेक्टर के क्षेत्र भ्रमण पर रहने के कारण अपर कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया।

ज्ञापन देते समय मुन्ना बर्मन, अध्यक्ष बरगी मत्स्य उत्पादन एवं विपणन सहकारी संघ, रमेश नंदा पूर्व संचालक राज्य मत्स्य महासंघ भोपाल,सचिव परमूलाल बर्मन नर्मदा मत्स्य समिति, सचिव दीनानाथ नंदा सहस्रबाहु समिति सुरंगदेवरी-मानादेई, कल्लू नंदा, दस्तूर नंदा, भारत नंदा, शारदा यादव बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ आदि शामिल थे।

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