हमर छत्तीसगढ़

डोंगरगढ़ :चंद्रगिरी में आचार्य विद्यासागर महाराज की प्रथम पुण्यतिथि पर विनयांजलि समारोह का आयोजन

डोंगरगढ़
 चंद्रगिरि तीर्थ में आयोजित विनयांजलि समारोह में अमित शाह शामिल हुए। इस समारोह में CM साय भी मौजूद है। 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आचार्य विद्यासागर की तस्वीर वाला 100 रुपए का स्मृति सिक्का भी जारी कर सकते हैं।

18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। तिथि के अनुसार उनके समाधि को आज 6 फरवरी 2025 को एक वर्ष पूर्ण हो रहे है और एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रगिरी ट्रस्ट की ओर से 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

विशेष डाक टिकट भी जारी किए जा सकते हैं

जैन समाज के मुताबिक अमित शाह भारतीय डाक विभाग की ओर से विशेष डाक टिकट और लिफाफे भी जारी किए जा सकते हैं। बता दें कि 18 फरवरी 2024 को आचार्य विद्यासागर महाराज ने डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। उनकी प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर चंद्रगिरी ट्रस्ट द्वारा 1 से 6 फरवरी तक भव्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

महातीर्थ बन चुका है डोंगरगढ़

डोंगरगढ़ में प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी का मंदिर है, प्रज्ञागिरि और चंद्रगिरि जैसे धार्मिक स्थल और विद्यासागर महाराज जी की समाधि के बाद यह क्षेत्र अब महातीर्थ बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़े नेता यहां विद्यासागर महाराज से मुलाकात कर चुके हैं।

संयम का रास्ता दिखाया

विद्यासागर महाराज ने समाज को देशभक्ति और संयम का रास्ता दिखाया। राष्ट्र संत विद्यासागर महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके द्वारा स्थापित कई सामाजिक प्रकल्प आज भी डोंगरगढ़ में सक्रिय हैं।

स्कूल और गौशाला संचालित जैन समाज के मुताबिक क्षेत्र में स्थित प्रतिभा स्थली स्कूल बेटियों की शिक्षा के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ आवासीय स्कूल है। इसके अतिरिक्त, चंद्रगिरी तीर्थ में हथकरघा उद्योग और एक विशाल गौशाला भी संचालित है, जो उनकी सामाजिक दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं।

 

Related Articles

Back to top button