राजनीति

बंगाल निकाय चुनाव से पहले TMC के दोनों धड़ों में टकराव, सियासी हलचल तेज

कलकत्ता

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

पश्चिम बंगाल में आगामी नवंबर में प्रस्तावित कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) के निकाय चुनावों की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ गया है। राज्य विधानसभा चुनावों में हार के बाद बिखरी तृणमूल कांग्रेस के अलग-अलग धड़ों- ममता बनर्जी की अगुवाई वाली MAITC, रितब्रता बनर्जी की DTC और नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए तृणमूल के बागी सांसदों- के बीच जुबानी जंग और प्रतिद्वंद्विता बेहद तेज हो गई है।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की 294 में से 209 विधानसभा सीटों पर कब्जा जमा चुकी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने साफ कर दिया है कि वह निकाय चुनावों में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और सभी वार्डों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।

'असली तृणमूल' की जंग और 'गद्दारों' के पोस्टर पर कालिख

चुनाव अधिसूचना जारी होने से ठीक पहले तृणमूल के अलग-अलग गुटों में शह-मात का खेल शुरू हो चुका है।

कालीघाट स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर हुई बैठक के बाद ममता बनर्जी के प्रति वफादार नेताओं ने कहा कि उम्मीदवार चयन में केवल निष्ठावान नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कांग्रेस के साथ गठबंधन पर पार्टी ने कहा कि इस पर केंद्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा।

ममता खेमे के विधायक कुणाल घोष ने श्यामाबाजार इलाके की दीवार पर बने एक ग्राफिटी का फोटो शेयर किया, जिसमें NCPI में शामिल हो चुके उत्तर कोलकाता के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के चेहरे पर काली स्याही पोत दी गई थी। इस ग्राफिटी में उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की तस्वीरें थीं, जिन्हें छुआ तक नहीं गया था। कुणाल घोष ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के बाकी 'गद्दारों' के साथ भी ऐसा ही होना चाहिए।

रीतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (DTC) के अध्यक्ष अरूप राय ने स्पष्ट किया कि वे "असली तृणमूल" हैं और NCPI के साथ बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव मैदान में उतरेंगे।

न गठबंधन होगा, न दूसरे दल के दलबदलू लिए जाएंगे: BJP
कोलकाता निकाय चुनावों के लिए गठित बीजेपी की चुनाव समिति के प्रमुख और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने पार्टी की पहली तैयारी बैठक के बाद साफ कर दिया कि बीजेपी किसी भी दल के साथ हाथ नहीं मिलाएगी।

NCPI, जिसमें तृणमूल के 20 बागी सांसद शामिल हैं, बीजेपी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन सुकांत मजूमदार और चुनाव समिति के सह-संयोजक रितेश तिवारी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी कोलकाता और हावड़ा के सभी वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी।

सुकांत मजूमदार ने यह भी साफ कर दिया कि जो पूर्व तृणमूल पार्षद चुनाव जीतने के बाद अब पाला बदलना चाहते हैं, उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी केवल अपने परफॉर्मेंस के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करेगी।

कोलकाता में 209 और हावड़ा में 68 वार्ड: परिसीमन के बाद पहला चुनाव

पश्चिम बंगाल की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने विधानसभा में जानकारी दी थी कि नागरिक सेवाओं को बेहतर और सुगम बनाने के लिए वार्डों का परिसीमन किया गया है।

कोलकाता नगर निगम (KMC): वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 कर दी गई है।

हावड़ा नगर निगम (HMC): वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 कर दी गई है।

मई में विधानसभा चुनावों में हार के बाद कोलकाता के मेयर और तृणमूल पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था, जबकि हावड़ा में परिसीमन विवाद के कारण 2018 के बाद से चुनाव नहीं हुए थे। वर्तमान में दोनों निकायों की कमान राज्य सरकार की ओर से नियुक्त प्रशासकों के हाथों में है। चुनाव आयोग द्वारा अगले कुछ दिनों में अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button