राजस्थान

राजस्थान में मौसम ने बदली करवट, 5 जिलों में बारिश-तेज हवाओं का अलर्ट; 4 डिग्री तक गिरा पारा

जयपुर
 राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और तेज ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया है। रविवार सुबह श्रीगंगानगर सहित आसपास के इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। इस दौरान कई जगह बिजली भी चमकी। मौसम में आए बदलाव से तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सर्दी का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

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मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के मध्य भागों के ऊपर वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में ट्रफ लाइन सक्रिय है। अरब सागर की खाड़ी से हवाओं के साथ नमी मिलने के कारण प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला है।

इन जिलों में 3-4 दिन मौसम रहेगा खराब
बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उत्तरी हिस्सों में अगले तीन से चार दिन तक मौसम की ऐसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

श्रीगंगानगर में बारिश, करनपुर में 20 एमएम बरसात
श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार देर रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। रविवार सुबह कई इलाकों में बारिश के साथ बिजली चमकने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान श्रीगंगानगर के करनपुर में सर्वाधिक 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

नरमा की फसल को लेकर चिंता बढ़ी
सूरतगढ़ क्षेत्र में भी बूंदाबांदी हुई। इससे नरमा की कटाई का काम प्रभावित हुआ है। किसानों को चिंता है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो खेतों में तैयार फसल की कटाई और उपज को सुरक्षित रखने में परेशानी हो सकती है।

फलोदी के ग्रामीण इलाकों में बढ़ी सर्दी
पश्चिमी राजस्थान के फलोदी जिले के देणोक, आऊ, घंटियाली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी रविवार को मौसम का असर दिखाई दिया। सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर तेज ठंडी हवाएं चलती रहीं। दोपहर बाद हवा की रफ्तार बढ़ने से धूल भरी आंधी जैसा माहौल बन गया। इससे खेतों में काम कर रहे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट के साथ सर्दी का एहसास बढ़ गया।

दिन के साथ रात के तापमान में भी गिरावट
मौसम में बदलाव का असर प्रदेश के कई शहरों में दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, बाड़मेर, चित्तौड़गढ़, कोटा, सिरोही और हनुमानगढ़ में अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई। दिन में गर्मी कम होने के साथ रातें भी ठंडी होने लगी हैं। शनिवार को प्रदेश के 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। उदयपुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

13 और 14 अक्टूबर को फिर बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 12 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, 13 और 14 अक्टूबर को एक कमजोर मौसम प्रणाली के प्रभाव से बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले आसमान के नीचे रखी तैयार फसलों को भीगने से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है। कृषि उपज मंडियों में खुले में रखे अनाज और अन्य जिंसों को भी बारिश से सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसानों को आने वाले दिनों में बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर कटाई और उपज के भंडारण की तैयारी करने की जरूरत है।

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