ग्वालियरमध्यप्रदेश

सिंधिया संपत्ति विवाद में कोर्ट का अहम आदेश, प्रतिमा देवी को अगली सुनवाई तक धोखाधड़ी साबित करने के निर्देश

ग्वालियर 
 सिंधिया राज परिवार की संपत्ति को लेकर चल रहे समझौता विवाद में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है. समझौता प्रतिवेदन पर कोर्ट में धोखाधड़ी के आधार पर आपत्ति लगाने वाली ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्मराजे राणा की बेटी प्रतिमा देवी को लेकर कोर्ट ने अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं के खिलाफ अदालत में धोखाधड़ी के सबूत पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

पद्मराजे राणा की बेटी ने लगाई बंटवारा विवाद में आपत्ति
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच सिंधिया राज परिवार के 40 हज़ार करोड़ रु के संपत्ति बंटवारा को लेकर चला आ रहा विवाद भले ही आपसी समझौते तक पहुंच गया हो लेकिन कोर्ट में नए दावेदार की आपत्ति के बाद मामला और उलझ गया था. ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ पद्माराजे की बेटी प्रतिमा देवी ने संपत्ति में अपनी मां के अधिकार को लेकर हिस्सेदारी का दावा किया है. साथ ही सहमति से समझौते के मसौदे के लिए हस्ताक्षर धोखाधड़ी से लिए जाने का आरोप लगाया था। 

पिछली सुनवाई में हुई थी प्रतिमा देवी के आरोपों पर बहस
प्रतिमा देवी के आवेदन पर ग्वालियर कोर्ट ने मामले में उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया था, जिसके तहत पिछली 7 अक्टूबर को उनके आवेदन पर बहस हुई थी. इसमें प्रतिमा देवी की और से दावा किया गया था कि, समझौते के लिए पूर्व में सहमति पत्र पर उनकी मां के हस्ताक्षर धोखे से लिए गए थे. जबकि इसके जवाब में उनकी तीनों मौसियों उषा राजे, वसुंधरा राजे और यधोधरा राजे सिंधिया की और से कोर्ट को कहा गया कि आरोप निराधार हैं. साथ ही यह भी बताया था की, हस्ताक्षर सहमति से हुए थे, इसके बाद फैमिली का रॉयल डिनर भी हुआ था और सबने फोटोग्राफ्स भी लिए थे. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपन फैसल सुरक्षित रख लिया था। 

कोर्ट का आदेश- साक्ष्य से साबित करें धोखाधड़ी
 जब इस केस पर दोबारा सुनवाई हुई तो अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आत्मा राम टोंक ने अपना फैसला सुनाते हुए प्रतिमा देवी को अगली हियरिंग में गवाही देने और धोखाधड़ी के सबूत पेश करने को कहा है. उन्हें साबित करना होगा कि, हस्ताक्षर धोखाधड़ी से कराए गए थे. इसके अलावा अगली सुनवाई पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीनों बुआओं की और से बंटवारा आपसी राजीनामा होने का पक्ष रखा जाएगा. इस केस से जुड़े वकील एड शर्मा ने बताया कि अब अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। 

Related Articles

Back to top button