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‘शतक’ ने बच्चों को किया रोमांचित, संघ के योगदान से हुए परिचित
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान की पहल

‘शतक’ ने बच्चों को किया रोमांचित, संघ के योगदान से हुए परिचित
सतना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल के राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण की कहानी बताने वाली फिल्म “शतक” को देखकर सतना जिले के बच्चे रोमांचित हैं। उन्होंने आजादी की लड़ाई और उसके बाद के कालखंड में संघ द्वारा किए गए त्याग, समर्पण और शिवा को करीब से जाना।
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान द्वारा सतना के लगभग 300 बच्चों के लिए सताधर में स्थित ए4 एंटरटेनमेंट सिनेमाघर में संघ के 100 साल की देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति और समर्पण पर आधारित फिल्म शतक के विशेष शो का आयोजन किया। इस शो को देखने पहुंचे स्कूली बच्चों में फिल्म देखने के बाद गजब का उत्साह था और वह बिना संकोच कह रहे थे कि इस फिल्म ने उन सेनानियों से हमें परिचित कराया है जिन्होंने देश की आजादी मे योगदान दिया और संघ द्वारा देश व समाज हित में किया जा रहे कामों को भी हमारे सामने आया। संघ राष्ट्रवादी विचारधारा पर आधारित है और वह समाज को एकजुट करने के साथ विषम परिस्थितियों में आम लोगों की मदद के लिए खड़ा रहता है।
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान की संस्थापिका डॉ स्वप्ना वर्मा का कहना है कि बच्चे हमारे देश के कर्णधार हैं और उन्हें देश हित में काम करने वालों के बारे में जानने का हक है। यह फिल्म जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। इस फिल्म को हर किसी को देखना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा है कि राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र निर्माण के लिए संकल्पबद्ध प्रत्येक नागरिक को फिल्म “शतक ” देखना चाहिए। यह एक प्रेरक फिल्म है जो राष्ट्र के लिए कर्म प्रधान भूमिका का आहवान करती है। भारत के इतिहास के अध्ययन और अतीत से अवगत होकर संघ संस्थापकों और पदाधिकारियों ने राष्ट्र सर्वोपरि के भाव को सशक्त बनाने और देश के भविष्य को बेहतर बनाने की कल्पना की थी। संघ के माध्यम से बाहरी शक्तियों के कृत्यों के विरुद्ध मजबूती से मुहिम चलाई गई।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के गठन 1925 से लेकर पूर्ण हुई एक शताब्दी की सेवा और समर्पण भरी यात्रा पर केंद्रित फिल्म “शतक ” के निर्देशक आशीष मल्ल हैं। फिल्म की विशेषता यह भी है कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत ग्राफिक्स का उपयोग कर स्वातंत्र्य वीर सावरकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर्दे पर जीवंत किए गए हैं। फिल्म में अभिनेता अजय देवगन ने आवाज है। फिल्म निर्माता वीर कपूर हैं।