खेल

एशियन गेम्स में भारत का गोल्ड धमाका, महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराया

नई दिल्ली
नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। तनिपार्थी चिकिता, प्रदीप प्रीतिका और वेन्नम ज्योति सुरेखा की तिकड़ी ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराकर ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 240 में से 238 का स्कोर बनाना गजब की सटीकता को दर्शाता है। इस शानदार स्कोर के साथ ही भारतीय चौकड़ी ने दक्षिण कोरिया के 238 अंकों के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।

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क्वालिफिकेशन से लेकर गोल्ड तक का सफर
भारतीय टीम ने क्वालिफिकेशन राउंड में चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था। इस राउंड में चिकिता ने इंडिविजुअल स्टैंडिंग्स में 705 अंकों के साथ टॉप किया और प्रीतिका ने 695 अंक जोड़े। इसके बाद सेमीफाइनल मुकाबले में भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया से हुआ। कोरिया ने दूसरी पारी में 175-175 से बराबरी कर ली थी, लेकिन भारत ने दबाव के पलों में बेहतरीन खेल दिखाते हुए 235-233 से मुकाबला जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।

प्रदीप प्रीतिका
महाराष्ट्र की रहने वाली प्रीतिका ने 27 सितंबर को ही अपना 18वां जन्मदिन मनाया है और ठीक तीन दिन बाद देश को एशियाड का गोल्ड मेडल दिलाया। पांचवीं कक्षा में एक शौक के तौर पर तीरंदाजी शुरू करने वाली प्रीतिका को उनके माता-पिता ने छठी कक्षा से पेशेवर कोचिंग दिलाई। वह पुणे की स्वराज्य आर्चरी एकेडमी में प्रैक्टिस करती हैं। 2025 में ब्रेकथ्रू के बाद से वह अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 7 मेडल जीत चुकी हैं, जिनमें 2025 वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप का सिल्वर और एशियन चैंपियनशिप का टीम गोल्ड शामिल है।

तनिपार्थी चिकिता
तेलंगाना के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली 21 साल की चिकिता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। जब वह दूसरी कक्षा में थीं, तब उनके पिता ने अखबार में तीरंदाजी के बारे में पढ़ा और उन्हें इस खेल में डाला। 2018 से औपचारिक ट्रेनिंग शुरू करने के बाद वह 2021 में पेशेवर तीरंदाज बनीं। 2025 में विन्निपेग में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी यूथ चैंपियनशिप में अंडर-21 महिला व्यक्तिगत इवेंट का गोल्ड जीतकर वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। इसके बाद उन्होंने 2025 और 2026 में वर्ल्ड कप टीम सिल्वर और 2026 एशियन ग्रैंड प्रिक्स टीम गोल्ड जीता है। वह भी साई सोनिपत में ही अभ्यास करती हैं।

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