मध्यप्रदेश

भोपाल में ‘नरेंद्र सिंह सोमवंशी कौटिल्य एकेडमी’ का बेसमेंट और ऑफिस सील कर दिया

भोपाल
 बीते दिनों दिल्ली में बेंसमेंट में चल रही कोचिंग में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। राजधानी भोपाल में मंगलवार को एमपी नगर में संचालित हो रही कौटिल्य एकेडमी के ऑफिस और बेसमेंट को सील कर दिया है। ऐसी जानकारी सामने निकलकर आ रही है कि बच्चों को बेसमेंट में पढ़ाया जाता था।दिल्ली में कोचिंग सेंटर हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोचिंग सेंटर्स की जांच पड़ताल के निर्देश दिए हैं. सीएम डॉ. यादव द्वारा दिए गए निर्देशों पर राजधानी भोपाल में दूसरे दिन ही अमल देखने को मिला. भोपाल जिला प्रशासन के अफसर राजधानी भोपाल में अलग-अलग क्षेत्रों में कोचिंग सेंटरों की पड़ताल के निकले. इस दौरान एमपी नगर में बेसमेंच में संचालित कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में तालाबंदी की कार्रवाई की गई है.

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बता एक दिन पहले ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने निर्देश देते हुए कहा था कि दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए हादसे में बेसमेंट में पानी भरने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन युवाओं की असामयिक मृत्यु दु:खद और दर्दनाक है. उन्होंने घटना के प्रकाश में मध्यप्रदेश के बेसमेंट में संचालित कोचिंग केंद्रों के सर्वे के निर्देश दिए थे.

कोटिल्य एकेडमी बेसमेंट पर तालाबंदी
सीएम से मिले निर्देशों पर अमल करने के लिए एसडीएम आशुतोष शर्मा की मौजूदगी में एमपी नगर जोन-2 स्थित कौटिल्य एकेडमी का बेसमेंट और ऑफिस सील किया गया है. बेसमेंट में बच्चों को बिठाकर पढ़ाया जाता है. हालांकि जिस समय अमला पहुंचा उस समय बच्चे नहीं थे, लेकिन भविष्य को देखते हुए इसे सील किया गया है, वहीं ऊपरी हिस्से पढ़ाई चल रही है. इसी तरह अमले ने एमपी नगर के अन्य कोचिंग सेंटरों की भी पड़ताल की.

कॉन्फ्रेंस से जुड़े थे नगर निगम के 16 कमिश्रर
प्रमुख सचिव नगरीय विकास नीरज मंडलोई के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के परिपालन में प्रदेश में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग के स्थानों में जल भराव होने पर जल निकासी की व्यवस्था देखने और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. 16 नगर निगम कमिश्नर्स भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े थे.

बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों, धर्मशालाओं और संस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया था. सीएम से मिले निर्देशों के बाद आज प्रदेश भर में अमल किया जा रहा है. इसी कड़ी में राजधानी भोपाल के एमपी नगर में संचालित दो कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है.

इन जिलों में अधिक बारिश
प्रदेश में एक जून से 29 जुलाई तक 18.5 इंच वर्षा दर्ज हुई है. अधिक वर्षा वाले जिलों में राजगढ़, नीमच, भोपाल, सिवनी, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, रायसेन एवं सीहोर शामिल हैं. अनेक बांधों में जल भराव 50 से 75 प्रतिशत के मध्य है. सीएम ने जिला कलेक्टर्स को निचली बस्तियों में रहने वाले निवासियों को समय पर सतर्क करने और आवश्यकतानुसार अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे.

बाढ़ सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें और बाढ़ की पूर्व सूचना के लिए समुचित व्यवस्था करने के आदेश दिए गए थे.

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