हमर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में आत्मानंद स्कूलों ने शिक्षा बनाई गुणवत्तापूर्ण

आत्मानंद स्कूल में अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों जैसी पढ़ाई

रायपुर, छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत में अंग्रजी माध्यम में शुरु हुए आत्मानंद स्कूलों ने बड़ा बदलाव लाया है, वहीं उन परिवारों को महंगाई के दौर में इससे मुक्ति दिलाई है जिसकी आशंका उनके मन में बच्चों की शिक्षा को लेकर हुआ करती थी। बेहतर शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ने सरकारी स्कूली शिक्षा के तौर तरीके को ही बदल दिया है ।

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मुस्कान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल महासमुन्द में कक्षा नवमीं में पढ़ती हैं, मुस्कान बताती हैं कि फ्री में इंग्लिश मीडियम स्कूल की अच्छी पढ़ाई के कारण अब मम्मी-पापा को फ़ीस की टेंशन नहीं होती। हमें क्वालिटी एजुकेशन मिल रही है, जो पहले प्राइवेट स्कूल में महंगी फ़ीस के साथ मिलती थी। मुस्कान के पापा ऑटो चलाते हैं, उसने कहती है पहले वाले स्कूल में फ़ीस भरने में बहुत तकलीफ़ होती थी, लेकिन अब सब बहुत अच्छा है, मैं बड़ी होकर सीए बनूंगी और अपना सपना पूरा करूंगी। मुस्कान जैसे विद्यार्थी आज बेहतर माहौल में अच्छी शिक्षा प्राप्त प्राप्त कर रहे हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा की नींव मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
प्रोद्यौगिकी, इन्टरनेट के युग और ग्लोबलाइजेशन के दौर में अंग्रेजी शिक्षा आज की सबसे बड़ी जरुरत है। इसी जरुरत को समझते हुए और छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को दुनिया के लिए तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की पहल की। इस पहल गरीब बच्चों को भी क्वालिटी एजुकेशन और अंग्रेजी भाषा में शिक्षा मिलना संभव हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अंग्रेजी शिक्षा की पहल पर खोले गए स्कूलों को स्वामी आत्मानंद को समर्पित किया है, जिन्होंने अपना जीवन आदिवासी बच्चों में शिक्षा के प्रसार के लिए बिताया। स्वयं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी स्वामी आत्मानंद के कार्यों से प्रभावित थीं, आज नारायणपुर के रामकृष्ण मिशन के विद्यालय से पढ़कर निकले विद्यार्थी देश के बड़े बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं।
अंग्रेजी शिक्षा से वंचित वर्ग तक भी शिक्षा का प्रसार हो इस भावना के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरे प्रदेश में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की शुरुआत की, जिसके जरिए नई पीढ़ी आज की जरूरत के हिसाब से भावी भविष्य के लिए तैयार हो रही है। आज प्रदेश के स्कूल सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अच्छा अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ में शिक्षा के स्तर का लगातार ग्राफ बढ़ रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने और उसे मजबूत करने की दिशा में कई अहम पहल से छत्तीसगढ़ आज देश के लिए अपने तरह की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है।

स्कूलों को किया गया अपग्रेड
विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई का बेहतर माहौल देने के लिए स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, इसके लिए इन स्कूलों में सबसे पहले आधारभूत संरचना को मजबूत किया गयाद्य पुरानी बिल्डिंग का पुनरुद्धार कर उसे एक नया रूप दिया गया। इसी का परिणाम है कि पहले जिन स्कूलों में पुराने ब्लैक बोर्ड थे आज वहां ग्रीन बोर्ड लगाए गए हैं और कुछ जगहों पर स्मार्ट बोर्ड की सुविधा से भी विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, अब स्कूलों में पुराने बैंच-टेबल की जगह नये कम्फर्टेबल बैंच ने ले ली है।

मिल चुके हैं कई पुरस्कार
प्रदेश के बजट में शिक्षा ज्यादा राशि शिक्षा के लिए खर्च की जा रही है। इससे शैक्षणिक संस्थाओं की अधोसंरचना बेहतर हो रही है। आँगन म शिक्षा पहल के लिए छत्तीसगढ़ को 2022 का स्कॉच अवार्ड प्रदान किया गया था। इसी तरह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को राष्ट्रीय स्तर के एमबिलीयंथ अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

अंग्रेजी शिक्षा के खर्च से मिली मुक्ति
स्वामी आत्मानंद शासकीय अंगेजी एवं हिंदी उत्कृष्ट विद्यालय योजना ने माता-पिता को अपने बच्चे के लिए अंग्रेजी शिक्षा के खर्च के बोझ से मुक्त करा दिया है। इन स्कूलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी, लैंग्वेज लैब, कंप्यूटर और साइंस के साथ ही टेनिस और बैडमिन्टन सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में जरूरी हैं।

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