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Bank Charges: ग्राहकों से बैंकों ने वसूले ₹26,170 करोड़! क्या आपका बैंक भी कम बैलेंस पर काट रहा है भारी चार्ज?

नई दिल्ली

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अगर आपके बैंक खाते से कभी बिना जानकारी के कुछ रुपये कट गए हों, तो हो सकता है कि वह न्यूनतम औसत शेष (Minimum Average Balance- MAB) नहीं रखने का चार्ज हो। अब सरकार ने संसद में बताया है कि पिछले चार वित्तीय वर्षों (FY23-FY26) में बैंकों ने ग्राहकों से मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर कुल ₹26,170 करोड़ से ज्यादा की पेनाल्टी वसूली है। इनमें सबसे ज्यादा हिस्सा निजी बैंकों का रहा है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि सिर्फ FY26 में ही बैंकों ने ₹7,086.63 करोड़ की पेनाल्टी वसूली। इसमें प्राइवेट बैंकों ने ₹4,948.71 करोड़, जबकि पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) ने ₹2,137.92 करोड़ ग्राहकों से वसूले।

HDFC बैंक सबसे आगे, एक्सिस बैंक दूसरे पर
निजी बैंकों की बात करें तो HDFC Bank ने FY26 में ₹1,798.14 करोड़ की सबसे ज्यादा पेनाल्टी वसूली। इसके बाद Axis Bank का नंबर रहा, जिसने ₹1,081.33 करोड़ वसूले। दोनों बैंकों ने मिलकर निजी बैंकों द्वारा वसूली गई कुल पेनाल्टी का करीब 58% हिस्सा अकेले वसूल किया।

इसके अलावा ICICI बैंक ने ₹353.50 करोड़, कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) ने ₹290.65 करोड़, Yes बैंक ने ₹195.05 करोड़ और IDBI Bank ने ₹175.15 करोड़ की पेनाल्टी वसूली।

पब्लिक सेक्टर बैंकों में SBI ने ₹477.27 करोड़ की सबसे ज्यादा पेनाल्टी दर्ज की। हालांकि सरकार ने साफ किया कि यह राशि करंट अकाउंट्स से संबंधित है, क्योंकि मार्च 2020 से SBI ने सेविंग अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस नहीं रखने की पेनाल्टी खत्म कर दी है। इसके बाद BoB (Bank of Baroda) ने ₹394.10 करोड़ और इंडियन बैंक (Indian Bank) ने ₹299.17 करोड़ की पेनाल्टी वसूली।

सरकार ने बताया कि देश के 12 सरकारी बैंकों में से 10 ने सेविंग अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस नहीं रखने की पेनाल्टी पूरी तरह समाप्त कर दी है। बाकी दो बैंक भी अपने बोर्ड की मंजूरी और व्यावसायिक नीति के अनुसार सीमित चार्ज ही लगा रहे हैं।

अगर आपके पास BSBDA (Basic Savings Bank Deposit Account) या प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत खोला गया खाता है, तो आपको मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं है। सरकार के मुताबिक देश में ऐसे करीब 73 करोड़ खाते हैं, जिन पर मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर कोई पेनाल्टी नहीं लगती।

RBI के नियमों के अनुसार, बैंक अपने बोर्ड की मंजूरी से सेविंग और करंट अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस का नियम लागू कर सकते हैं। लेकिन चार्ज उचित, पारदर्शी और बैंकिंग सेवा की लागत के अनुरूप होना चाहिए। साथ ही, पेनाल्टी लगाने से पहले ग्राहकों को SMS, ईमेल या अन्य माध्यमों से सूचना देना और बैलेंस पूरा करने का मौका देना भी जरूरी है।

 

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