हमर छत्तीसगढ़

’विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार लाने योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचे’

रायपुर

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’राज्यपाल  डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’

राज्यपाल  रमेन डेका ने आज लोक भवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर मे सुधार लाने योजनाओं का लाभ उन तक प्राथमिकता से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
              
बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत 11 महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की गई। राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में प्राथमिकता तय कर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। 

’राज्यपाल  डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’          

राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों की सड़कों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करें और यह जानें कि पीएम जनमन योजना के तहत उनके विभाग अंतर्गत सबसे बेहतर कार्य कहां हो रहे हैं। 
                
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान चलाने तथा लोगों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से जनजातीय समुदायों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।
                
राज्यपाल ने बताया कि जनजातीय बच्चों के नेत्र परीक्षण और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए एम्स के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए राइस मिल एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और डीएमएफ निधि के उपयोग का सुझाव दिया। साथ ही बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने और पेयजल समस्या के समाधान हेतु नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।
              
राज्यपाल ने बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण, फिश फार्मिंग और प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण और वाटर रिचार्ज को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में वन क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को सहकारिता के माध्यम से करने, आंगनबाड़ी भवन निर्माण में तेजी लाने तथा मोबाइल टावर स्थापित कर इंटरनेट सुविधा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने निजी कंपनियों के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा विस्तार के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातीय बाहुल्य गांवों को रोशन करने क लिए किए गए कार्याे की सराहना की।             

राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों क्षेत्रों के उन बच्चों का भी सर्वे कराने के निर्देश दिए जो स्कूल और विशेष रूप से उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति, आवश्यकताओं और सुविधाओं का आकलन कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाए।          

राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में उन कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाए जिनकी वर्तमान समय में अधिक मांग है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कौशल विकास प्रशिक्षण पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को पीएम जनमन योजना के तहत प्राथमिकता सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों की जीवनशैली और आवश्यकताओं को समझने के लिए तीन माह के भीतर विस्तृत सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सभी विभागों और संबंधित संस्थाओं का सामूहिक योगदान आवश्यक है। जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। राज्यपाल ने बैठक में की गई चर्चा पर कार्रवाई की रिपोर्ट अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।        

बैठक के दौरान राज्यपाल को छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर आधारित वर्ष 2024-25 का प्रतिवेदन सौंपा गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन  मनोज कुमार पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, प्रमुख सचिव आदिम जाति विकास  सोनमणि बोरा, सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित थे।

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