मध्यप्रदेश

भोपाल IAS मर्डर केस: आगरा में फोन छोड़ फरार केयरटेकर, तलाश में जुटी 60 पुलिसकर्मियों की टीम

भोपाल

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या का आरोपित केयरटेकर वरुण कुमार पुलिस के कवरेज से बाहर हो गया है। उसकी तलाश में भोपाल पुलिस की छह से अधिक टीमें अलग-अलग दिशाओं में जुटी हैं। करीब 60 पुलिसकर्मी उसकी तलाश कर रहे हैं।

मोबाइल फोन से उसकी आखिरी लोकेशन आगरा और मथुरा रूट पर मिली थी, लेकिन आगरा में दोस्त को मोबाइल देने के बाद लोकेशन नहीं मिलने के बाद पुलिस अब दिल्ली, पंजाब और हरियाणा रूट के रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

आगरा से गायब हुआ आरोपी

पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद आगरा भागा वरुण वहां से ट्रेन के जरिए दूसरे शहर निकल गया होगा। इस बीच आगरा में उसके पिता, बहन और जीजा से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद वरुण आगरा पहुंचा था।

उसने पूर्व आईएएस का लूटा हुआ मोबाइल अपने एक दोस्त को दिया था। पुलिस आगरा में मोबाइल के इस्तेमाल और उसके बाद की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।

नहीं मिल रही मोबाइल लोकेशन

हालांकि, मोबाइल से फिलहाल वरुण की लोकेशन नहीं मिल रही है। पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि उसका एक पुराना मोबाइल नंबर चालू हुआ था। जांच टीम उस नंबर की गतिविधियों और उससे जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस अब रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज के जरिए उसके संभावित सफर का सुराग तलाश रही है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा रूट के स्टेशनों पर कैमरे खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वरुण ने किस स्टेशन से ट्रेन पकड़ी और किस दिशा में गया। अलग-अलग टीमों को संभावित ठिकानों और संपर्कों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

भदभदा विश्राम घाट पर बेटे ने दी मुखाग्नि

सेवानिवृत्त आईएएस राकेश अग्रवाल का शुक्रवार सुबह 12 बजे भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे सिद्धांत ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में कई पूर्व आईएएस और पूर्व आईपीएस अधिकारी मौजूद रहे।
एजेंसी संचालक के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग

राकेश अग्रवाल की पत्नी और बेटे ने केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी के संचालक अखिलेश वर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि एजेंसी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

पुलिस का कहना है कि सत्यापन समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर एजेंसी संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।

ड्राइवर और पुराने नौकरों से भी लिए बयान

पुलिस ने राकेश अग्रवाल के ड्राइवर, पूर्व में काम कर चुके नौकरों और अन्य परिचितों के बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ में अग्रवाल के स्वभाव को लेकर भी जानकारी सामने आई है।

कुछ लोगों ने उन्हें गुस्सैल स्वभाव का बताया। पुलिस इन बयानों के जरिए उनके घरेलू माहौल, कर्मचारियों से संबंधों और घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है।

 

Related Articles

Back to top button