मध्यप्रदेश

एमपी पुलिस के प्रमोशन में बड़ी चूक, दिवंगत पुलिसकर्मी का नाम सूची में, जीवित कर्मचारी परेशान

 इंदौर

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पुलिस विभाग में थोकबंद पदोन्नति के बाद हड़कंप मच गया है। सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाकर दर्जनों पुलिसकर्मियों ने अफसरों को घेर लिया। एडिशनल सीपी (कानून) मयंक अवस्थी ने रिकॉर्ड देखकर संशोधन करने का आश्वासन दिया और एडी. डीसीपी (मुख्यालय) सीमा अलावा ने पुलिसकर्मियों को नेतागिरी न करने की नसीहत दी। पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद आयुक्त कार्यालय से पदोन्नति सूची जारी की गई है। आरक्षक से प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक से एएसआई बनाया जा रहा है। सूची में एक नाम ऐसा है, जिसे निधन के बाद भी पदोन्नति में जोड़ा गया है।
जूनियर पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता देने का आरोप

मंगलवार को 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी आयुक्त कार्यालय पहुंचे और कहा कि वरिष्ठता सूची में भी जूनियर पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता दी गई है। प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह के अनुसार, वह साल 2015 से प्रधान आरक्षक हैं। वरिष्ठता सूची में 265 नंबर पर उनका नाम था, लेकिन सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) की सूची से नाम कट गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून) मयंक अवस्थी ने लिखित आवेदन लेकर संशोधन का आश्वासन दिया है।

दूसरे जिलों से आए पुलिसकर्मियों को लेकर नाराजगी

एडी. सीपी के अनुसार, सैकड़ों की संख्या में पदोन्नति दी गई है। रिकॉर्ड और एसीआर से त्रुटि हो सकती है। नाराज पुलिसकर्मियों के अनुसार, मुख्य गड़बड़ी दूसरे जिलों से तबादला करवाने वाले पुलिसकर्मियों को लेकर हुई थी। पात्र न होने के बाद भी उनका नाम वरिष्ठता सूची में जोड़ा गया है।
पांच निरीक्षक पदोन्नत होकर बने डीएसपी, दिवंगत कर्मी का नाम शामिल होने पर उठे सवाल

पांच निरीक्षक पदोन्नत होकर डीएसपी बने; पुलिस मुख्यालय से जारी पदोन्नति सूची में शहर के पांच निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) बनाया गया है। इसमें आरडी कानवा, सोमा मलिक, तारेश सोनी, संजू कामले और आरआई दीपक पाटिल का नाम है। इस सूची को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

 

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