राजनीति

बीजेपी का बड़ा फैसला: सोशल मीडिया पर अब नहीं भेज सकेंगे ‘सूचना-संदेश’

इंदौर 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

भाजपा में बैठक व अन्य आयोजनों की सूचना वाट्सऐप पर डालकर जिम्मेदार इतिश्री कर लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शीर्ष नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि कोई भी कार्यक्रम हो उसकी जानकारी फोन लगाकर दी जाएगी। यहां तक कि पैमाना भी तय किया गया है कि कौन किसको फोन लगाएगा। पार्टी का मानना है कि वरिष्ठों के लिए कार्यकर्ताओं में सम्मान का भाव जरूरी है।

बैठकों का दौर आज खत्म
भाजपा नेतृत्व ने संगठनात्मक कसावट और कार्यकर्ताओं में परिवार भाव बनाए रखने के लिए हर माह विभिन्न स्तर की बैठकों का फॉर्मूला दिया है। 1 से 6 तारीख के बीच जिला, 7 से 11 मंडल और 11 से 15 मोर्चा-प्रकोष्ठ और 21 से 25 के बीच बूथों की बैठकें होंगी। इंदौर नगर में मंडल स्तर की बैठकों का दौर आज खत्म हो जाएगा। बड़ी बात ये है कि सभी मंडलों में नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा व उनके कुछ प्रमुख पदाधिकारी जा रहे है। बैठकों में नगर से राष्ट्रीय पदाधिकारी, मोर्चा प्रकोष्ठ के नेता, मंडल अध्यक्ष से पदाधिकारी, मंडल व शक्ति केंद्र प्रभारी और वार्ड संयोजक व पालकों को बुलाया गया।

बैठक में मंडल अध्यक्ष व उनकी टीम को निर्देश दिए गए कि अब बैठक हो या अन्य आयोजन की सूचना सोशल मीडिया यानी वाट्सऐप पर नहीं होगी। अब सभी को सूचना फोन लगाकर देना होगी। मंडल अध्यक्ष को नगर से ऊपर के पदाधिकारियों को फोन लगाएंगे तो अन्य पदाधिकारियों को भी ये काम दिया जाए। नगर अध्यक्ष मिश्रा का कहना था कि वाट्सऐप पर सूचना डालकर हम औपचारिकता पूरी नहीं करना है। फोन लगाने से संपर्क और आत्मीयता भी बढ़ेगी जो संगठन की मंशा है।

कार्यकर्ताओं के बूते पर बंगाल की जीत
कल लक्ष्मण सिंह गौड़ मंडल व भगत सिंह मंडल में बैठक हुई। विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि हमें अपने अपने बूथों पर प्रवास और समीक्षा करना चाहिए। आज पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक जीत में बूथ के कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही है, इसलिए कार्यकर्ता मेरा बूथ – सबसे मजबूत के मंत्र के साथ काम करें। पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा ने कहा कि हमारे कार्यपद्धति के तीन मूलमंत्र रहे हैं प्रवास, संपर्क और संवाद। मंडल, शक्ति केन्द्रों और बूथों पर कार्यकर्ता इन मूल मंत्रों को लेकर जाए, जिससे संगठन और अधिक मजबूत हो।

कार्यकर्ता के घर जाने का अभियान
भाजपा संगठन ने कार्यकर्ताओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने और सक्रिय रहने का एक फॉर्मूला और दिया है। अब वार्ड स्तर पर टोली बनाई जाए जो मंडल अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी को लेकर कार्यकर्ताओं को घर मिलने भी जाए। मिश्रा ने कहा कि हम सिर्फ काम के समय ही जाते हैं जो ठीक नहीं है। हमको मालूम नहीं कि कार्यकर्ता किस परिस्थिति में रहकर काम कर रहा है।

Related Articles

Back to top button