हमर छत्तीसगढ़

CG में सरकारी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का मामला, कोटवार निलंबित, पटवारी पर भी जांच की आंच

गरियाबंद.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

जिले के बजाड़ी में सरकारी जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में चिचिया के कोटवार मोतीलाल की संलिप्तता पाए जाने पर देवभोग तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने उन्हें निलंबित कर दिया है. वहीं तत्कालीन हल्का पटवारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

सरकारी मद से आबंटित भूमि की रजिस्ट्री से जुड़े मामले में पहली सुनवाई हुई. तहसीलदार ने क्रेता, विक्रेता, गवाहों और स्टांप वेंडर के बयान दर्ज किए. इस मामले को 9 जुलाई को लल्लूराम डॉट कॉम पर प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी.

कोटवार की भूमिका संदिग्ध
जांच में सामने आया कि चिचिया के कोटवार मोतीलाल ने बजाड़ी हल्का क्षेत्र में भूमि का मद परिवर्तन कराने में भूमिका निभाई. भूमि की वास्तविक प्रकृति से अवगत होने के बावजूद वह रजिस्ट्री प्रक्रिया में दो गवाहों में से एक बना. तहसीलदार ने बताया कि कोटवार के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस का कोई लिखित जवाब नहीं मिला. इसके बाद एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया.

पड़ोसी के आधार नंबर से बनाया फर्जी आधार कार्ड
जांच के अनुसार, बजाड़ी हल्का की करीब ढाई एकड़ सरकारी भूमि कैटपदर निवासी हरिसिंह के नाम दर्ज थी. आरोप है कि बजाड़ी निवासी भंवर सिंह ने यह जमीन उरमाल के शांतिलाल जैन को कर्ज के एवज में बेच दी. इसके लिए पहले जमीन की प्रकृति और किसान का पता कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बदला गया. इसके बाद पड़ोसी के आधार नंबर का इस्तेमाल कर हरिसिंह के नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया. इसी आधार पर कोटवार की गवाही में जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई. हालांकि, नामांतरण से पहले जारी इश्तहार पर ग्राम सरपंच ने संदेह जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद नामांतरण की प्रक्रिया रोक दी गई.

पटवारी जांच के दायरे में, मास्टरमाइंड की हिस्ट्री भी पता कर रहे
पूरे मामले में एक झूठ को सच साबित करने कई प्रकरण से फर्जी दस्तावेज बनाए गए. मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर पटवारी से गलत तरीके से पता और मद बदलवाया गया. इसलिए बजाड़ी के तत्कालीन पटवारी भी जांच के दायरे में है. बताया जाता है कि प्रकरण में दर्ज भूमि खरीददार ने पिछले 5 साल में 100 से भी ज्यादा रजिस्ट्रियां कराई है. कोटवार से लेकर पटवारी तक फर्जीवाड़े में सहयोगी बताए जा रहे हैं. ऐसे में अब प्रशासन खरीद फ़रोख़्त के तह तक जाने मामले में नाम आए क्रेता के सारे रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिए हैं.

Related Articles

Back to top button