मध्यप्रदेश

UCC पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- ‘रामचंद्र एक शादी करे तो रहीम से भी ऐसी ही उम्मीद’

भोपाल
 मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय के लोकार्पण के अवसर पर यूसीसी को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि एक देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होना चाहिए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

मुख्यमंत्री ने कहा, "अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहन हैं। उनके जीवन में भी कठिनाइयां आती हैं, इसलिए कानून सबके लिए समान होना चाहिए।"

मानसून सत्र में UCC विधेयक लाने की तैयारी
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार यूसीसी लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। उन्होंने संकेत दिए कि 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए गठित विशेष समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट अब विधि विभाग के पास आगे की प्रक्रिया के लिए भेजी जा चुकी है।

10 लाख से अधिक सुझाव, सभी वर्गों से संवाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यूसीसी लागू करने से पहले व्यापक जनसंवाद किया। विशेष समिति ने प्रदेश के सभी 55 जिलों में विभिन्न धर्मों, समुदायों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से संवाद कर 10 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त किए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सभी पक्षों के विचारों को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से व्यवस्था लागू की जाए।

'एक देश, एक विधान' की भावना को आगे बढ़ा रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान' का विचार दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उस संकल्प को आगे बढ़ाया और अब मध्य प्रदेश भी उसी भावना के अनुरूप समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूसीसी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष ने सकारात्मक भागीदारी नहीं निभाई। उन्होंने  आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राजनीतिक कारणों से समिति की बैठकों में हिस्सा नहीं लिया और अपने सुझाव भी नहीं दिए।

उन्होंने दोहराया कि सरकार सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार, समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा आवश्यक विधायी प्रक्रिया पूरी कर जल्द यूसीसी लागू करने का प्रयास करेगी।

Related Articles

Back to top button