मध्यप्रदेशस्वास्थ्य

बीमारी मुक्त भारत की मुहिम की सतना में सारथी बनी डाॅ स्वप्ना वर्मा

293 दिन में 100 शिविर और 65 हजार लाभान्वित

सतना 24 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीमारी मुक्त भारत की मुहिम मध्य प्रदेश के सतना जिले में साकार हो रही है और इस मुहिम की सारथी बनी डा स्वप्ना वर्मा , उनकी संस्था स्वास्थ्य शिविरों के साथ मास हेल्थ स्क्रीनिंग भी करा रही है। बीते 293 दिनों में सौ शिविर लग चुके है, जिनमें 65 हजार से ज्यादा लोग लाभान्वित हुए है। स्वास्थ्य शिविरों का यह सिलसिला निरंतर जारी है।
सतना के दूरस्थ इलाकों में बसे गांव के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इस मकसद से मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान द्वारा सुषेण स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। बीते 293 दिनों में 100 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में 65 हजार से ज्यादा लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयां भी दी गई। 45 हजार से ज्यादा मरीज के खून और पेशाब की जांच की गई। चार लाख यूनिट से ज्यादा निशुल्क दवाइयां वितरित की गई । इसके साथ ही 2000 से ज्यादा लोगों को चश्मा वितरित किए गए और 150 से ज्यादा मरीज के आंखों के ऑपरेशन कराए गए। स्वास्थ्य शिविरों का यह सिलसिला निरंतर जारी है। इसके साथ 2 क्लीनिक ऑन व्हील भी मरीज का उपचार करने में लगे हैं। यह पूरी तरह मोबाइल क्लीनिक है जिनमें चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ तो होता ही है साथ में खून और पेशाब की जांच की सुविधा भी होती है। इस ग्रामीणों के घर-घर तक अस्पताल पहुंच रहा है। इन दोनों क्लिनिक ऑन व्हील की पहुंच का अंदाजा इसी से लग सकता है कि यह दो मोबाइल क्लीनिक अब तक 18 हजार किलोमीटर का रास्ता तय कर चुके हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

यह स्वास्थ्य शिविर उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित हो रहे हैं जिनके लिए अस्पतालों तक पहुंचना आसान नहीं है। इन जरूरतमंदों के लिए तो यह स्वास्थ्य शिविर मानों घर के दरवाजे पर आए अस्पताल जैसे हैं। चिकित्सक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता इन शिविरों में आने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं , साथ ही रक्त और पेशाब के नमूने लेकर उनकी जांच कराते हैं और जरूरत के मुताबिक निशुल्क दवाइयां देते हैं। इतना ही नहीं जिन मरीजों को गंभीर बीमारी होती है और बेहतर उपचार की जरूरत होती है उन्हें आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं।
इन शिविरों के दौरान हो रही खून और पेशाब की जांच से कई घातक बीमारियों के सामने आने से पीड़ित को बेहतर उपचार समय पर मिलना संभव हो सका है। इसके साथ ही इन शिविरों ने ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाने का भी काम किया है।
स्वास्थ्य शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचने वाले कहते हैं, वह काफी दिनों से कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं महसूस कर रहे थे मगर पारिवारिक जिम्मेदारी, खेती-किसानी के काम और नजदीक अस्पताल न होने के कारण स्वास्थ्य परीक्षण नहीं करा पा रहे थे । ऐसे में मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान के स्वास्थ्य शिविर ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का निदान कर दिया है। यह स्वास्थ्य शिविर उनके लिए किसी अस्पताल से कम नहीं है, जो उनके गांव तक आ गया।
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान द्वारा मास हेल्थ स्क्रीनिंग भी की जा रही है, यह चिकित्सा क्षेत्र की ऐसी तकनीक है, जिसके जरिए बीमारी के शरीर में प्रवेश करने से पहले उसका पता चल जाता है, लिहाजा संबंधित व्यक्ति का आने वाली बीमारी का पहले ही उपचार शुरु कर दिया जाता है, जिससे उसे बीमारी की गिरफ्त में आने से पहले ही बचा लिया जाता है।
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान की संस्थापिका डॉ स्वप्ना वर्मा का कहना है, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है भारत को स्वस्थ और समृद्ध बनाना। उनके इसी संकल्प को पूरा करने के लिए सतना प्रकल्प के तहत स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। सतना स्वस्थ और समृद्ध बने यही हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान काम कर रहा है।

अयोध्या में रामलला के आने पर राम राज्य की राह पर आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। इसी के तहत मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान द्वारा रिश्तो में आई खटास को संवाद के जरिए खत्म करने की कोशिश हो रही है। परिवार और समाज के लोगों की दूरी को कम करने के लिए आपसी मेल मिलाप को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सतना जिले को बीमारी मुक्त बनाने के साथ बच्चों को संस्कारवान बनाने की मुहिम रंग ला रही है। मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान ने जनजातीय वर्ग के बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए संस्कार पाठशाला की शुरुआत भी कर चुका है। इससे बटोही गांव का नजारा कुछ बदला बदला है ,क्योंकि यहां की जनजातीय बस्ती के बच्चों का तौर तरीका बदल रहा है। इस बस्ती में प्रार्थना गूंजती सुनाई देती है तो योग के नजारे भी नजर आते हैं। यह बच्चे स्वच्छता के मायने जान रहे हैं तो वहीं उन संस्कारों को आत्मसात करने में जुटे हैं जो उनके जीवन में सफलता का रास्ता आसानी से तय करने में मददगार हो सकते हैं।
मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान ने बटोही में मधुरिमा संस्कार पाठशाला शुरु की है। इस पाठशाला की शुरुआत उस समय हुई जब अयोध्या में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस पाठशाला का मकसद जनजातीय बस्ती के बच्चों को संस्कारवान बनाकर नए भारत के निर्माण का सहयोगी बनाना है। इस पाठशाला को शुरू हुए लगभग एक माह का वक्त ही बीता है मगर उसका असर नजर आने लगा है। इस पाठशाला में बच्चों को सशक्त और सक्षम नागरिक बनाने का मंत्र दिया जा रहा है।

 

Related Articles

Back to top button