खेल

टेकबॉल में गोल्ड का सपना टूटा, सेमीफाइनल में हारीं क्विम्सी डिसूजा; ब्रॉन्ज की उम्मीद बरकरार

नई दिल्ली
 भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियन गेम्स की टेकबॉल महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में हार गईं. सेमीफाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ की थी. उन्होंने जुझारू प्रदर्शन से मुकाबले में अपने विरोधी को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की, लेकिन गोल्ड मेडल की रेस से अब वह बाहर हो गई हैं. क्विम्सी ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी। 

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क्विम्सी मैच में सुमाया पर शुरूआती बढत बनाई थी, लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से वह हार गईं. इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। 

पहले गेम में क्विम्सी डिसूजा ने बनाई थी बढ़त
पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12-7 से बढत बना ली थी. लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई. इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया। 

डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी. टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है. टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है. इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्जार ने किया था। 

2017 में पहली बार टेकबॉल का हुआ था विश्व चैंपियनशिप
पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी. टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि एशियन में गेम्स टेक बॉल  को अगर सफलता मिलती है तो यह विश्व पटल पर और भी ज्यादा लोकप्रिय होगी और इस खेल को बढ़ावा मिलेगा। 

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