ग्वालियर-चंबल का सियासी महाराजा कौन ?
रणवीर जाटव को BJP ने उम्मीदवार नहीं बनाया
भोपाल, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ रही है। भाजपा जहां 39 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी है, वहीं रविवार को ग्वालियर में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हो रही है। यह वह इलाका है जो सिंधिया राजघराने के प्रभाव का है। सवाल उठ रहा है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का ग्वालियर चंबल इलाके में प्रभाव बरकरार रहेगा या भाजपा के किसी और नेता का सियासी कद बढ़ता नजर आएगा।
राज्य में भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली सूची जो जारी की है उसमें सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर आए भिंड के गोहद विधानसभा के दावेदार रणवीर जाटव को पार्टी ने उम्मीदवार नहीं बनाया है। वहीं सुमावली से एदल सिंह कंसाना को मौका दिया है। जाटव ने जब कांगे्रस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था तब वे विधायक थे, मगर उप चुनाव में उन्हंे हार का सामना करना पड़ा था। अब आगामी चुनाव में उन्हें भाजपा ने उम्मीदवार नहीं बनाया है।
गोहद से रणवीर जाटव के टिकट कटने को सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है क्योंिक सिंधिया के साथ आए कई नेता अपने को भाजपा में असहज महसूस कर रहे है। इसके साथ ही कई नेताओं ने कांग्रेस में वापसी भी की है। इस बीच ग्वालियर में कार्यसमिति की बैठक हो रही है और इस बैठक पर सभी की नजर है। ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा ने चुनाव के मददेनजर कई समितियां बनाई है मगर सिंधिया को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है। वहीं ग्वालियर चंबल क्षेत्र से नाता रखने वाले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को प्रबंधन समिति का संयोजक बनाया गया है।