ग्वालियरमध्यप्रदेश

ग्वालियर में ‘गढ़ी के राजा’ की मौत, घर में लाइसेंसी राइफल से खुद को मारी गोली; 2 महीने से थे बीमार

 ग्वालियर

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ग्वालियर की सुबह करीब साढ़े चार बजे एक गोली की आवाज सुनाई दी. घर में सो रहे लोगों की नींद खुली. जब तक परिजन कुछ समझ पाते, 68 साल के हनुमत सिंह की मौत हो चुकी थी. स्थानीय लोग उन्हें 'गढ़ी के राजा' के नाम से जानते थे. पुलिस के मुताबिक, हनुमत सिंह ने अपने एकता कॉलोनी स्थित घर में लाइसेंसी हथियार से कथित तौर पर खुद को गोली मार ली। 

परिजनों का कहना है कि वो करीब दो महीने से बीमार थे. पिछले एक महीने से चल-फिर भी नहीं पा रहे थे. बीमारी और अपनी हालत को लेकर परेशान रहते थे. परिवार का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वो ऐसी बातें भी कर रहे थे कि अब जीना नहीं चाहते. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 

घटना शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे की बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, हनुमत सिंह एकता कॉलोनी स्थित अपने घर में थे. अचानक गोली चलने की आवाज आई. आवाज सुनकर उनकी पत्नी की नींद खुली. उन्होंने घर के दूसरे लोगों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. माधौगंज थाना पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंची. घटनास्थल की जांच की गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. मौके से लाइसेंसी हथियार भी बरामद किया गया।

परिवार के मुताबिक, हनुमत सिंह करीब दो महीने से बीमार चल रहे थे. करीब एक महीने से हालत ऐसी थी कि वह खुद चल-फिर नहीं पा रहे थे और बिस्तर पर ही रहते थे. बीमारी के साथ-साथ दूसरों पर निर्भर रहने की स्थिति ने उन्हें मानसिक तौर पर परेशान कर दिया था। 

बेटे और परिजनों ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह कहते थे कि वह जीना नहीं चाहते. पुलिस इसी एंगल को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. हालांकि अभी आत्महत्या की वजह को लेकर पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है. पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर और साफ होगी। 

हनुमत सिंह का नाम सिर्फ इस घटना की वजह से चर्चा में नहीं आया. उनका संबंध डबरा देहात की देवगढ़-गिजौर्रा गढ़ी रियासत से था. वह मूल रूप से गिजौर्रा थाना क्षेत्र के देवगढ़ गांव की गढ़ी से ताल्लुक रखते थे. उनके पूर्वज इस गढ़ी रियासत के राजा रहे थे. स्थानीय लोग इसी वजह से उन्हें 'गढ़ी के राजा' कहकर बुलाते थे.

गढ़ी इलाके में आज भी परिवार की जमीनें मौजूद बताई जाती हैं. करीब 20 साल पहले हनुमत सिंह ग्वालियर की एकता कॉलोनी में रहने लगे थे. उनके दो बेटे हैं. बड़ा बेटा मुंबई में रहता है, जबकि छोटा बेटा ग्वालियर में ही उनके साथ रहता था। 

माधौगंज पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं. FSL टीम ने भी मौके की जांच की है. लाइसेंसी हथियार बरामद किया गया है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए गए हैं. ग्वालियर की CSP किरण अहिरवार ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और FSL जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि हनुमत सिंह ने इतना बड़ा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। 

 

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