
मप्र में व्यापमं घोटाला पार्ट दो
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियां होने का सिलसिला जारी है, ताजा मामला कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित ग्रुप दो सब ग्रुप चार की चयन परीक्षा की प्रावीण्य सूची जारी किए जाने के बाद सामने आया है। कांग्रेस ने इसे व्यापमं दो करार दिया है। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने प्रावीण्य सूची के साथ ट्वीट किया और कहा कि जिन उम्मीदवारों ने हस्ताक्षर हिंदी में किए उनके अंग्रेजी में शत-प्रतिशत नंबर मिले है।
यादव ने ट्वीट कर कहा, प्रावीण्य सूची के 10 अभ्यार्थियों में से सात अभ्यार्थी ग्वालियर के एक कॉलेज एनआरआई के है। एक ही सेंटर से इतने टॉपर्स का आना, लगभग सबके हिंदी में हस्ताक्षर होना घोटाले की शंका को गहरा कर रहा है ।शिवराज जी व्यापम का नाम बदलने से घोटाले बन्द नहीं होते उसके लिए कार्यवाही करना पड़ेगी ।इसकी उच्च स्तरीय जांच कराएं क्योंकि इसमें भी घोटाला हुआ है ।
यादव ने कहा, ग्रुप दो सब ग्रुप चार की मेरिट लिस्ट आई जिसकी आशंका थी वो सच हुई, टॉप 10 में से सात बच्चों का सेंटर एनआरआई कॉलेज ग्वालियर है, नौ हज़ार चयनित अभ्यर्थियों में से लगभग 1 हज़ार चयनित अभ्यर्थियों का सेंटर एनआरआईकॉलेज था।ज्यादातर टॉपर्स के हस्ताक्षर हिंदी में है व उनके इंग्लिश में 25 में से 25 अंक आये हैं।
ज्ञात हो कि कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा समूह सब ग्रुप चार के तहत सहायक संपरीक्षक, पटवारी औश्र अन्य पदों के लिए संयुक्त परीक्षा 2022 का आयोजन किया गया था। इसके चयन की सूची जारी की गई है। इस सूची के आधार पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सरकार पर हमला बोला है।