मध्यप्रदेश

इंदौर-उज्जैन मेट्रो का रास्ता साफ! DPR तैयार, जल्द सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक दौड़ेगी मेट्रो

इंदौर 
 इंदौर में अभी सुपर कॉरिडाेर के 5.9 किलोमीटर हिस्सों में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। जल्द ही सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने की तैयारी है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

वहीं इंदौर से उज्जैन व इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा सर्वे कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन से इंदौर के लवकुश चौराहे होते हुए पीथमपुर तक 84 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने की योजना है।

डीपीआर को राज्य सरकार द्वारा अनुमोदन मिलना बाकी है
इसमें इंदौर से उज्जैन के बीच 44 किलोमीटर व इंदौर से पीथमपुर के बीच 40 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाई जाएगी। डीएमआरसी द्वारा तैयार डीपीआर को राज्य सरकार द्वारा अनुमोदन मिलना बाकी हैं। इसके बाद इसे केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

Y-Shape ट्रैक पर चलेगी मेट्रो
इंदौर मेट्रो विस्तार योजना में ट्रैक का डिजाइन भी खास तरीके से तैयार किया गया है। जानकारी के मुताबिक मेट्रो का ट्रैक Y-Shape लेआउट में बनाया जाएगा। योजना के अनुसार इंदौर और उज्जैन के घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में मेट्रो को अंडरग्राउंड कॉरिडोर में चलाने पर सहमति बनी है। मेट्रो लवकुश चौराहे से बड़ा गणपति होते हुए राजेंद्र नगर तक भूमिगत चलेगी। इसके बाद राजेंद्र नगर से पीथमपुर की ओर जाने वाला मार्ग एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में बनाया जाएगा। वहीं एबी रोड से मेट्रो ट्रैक दो दिशाओं में बंटेगा, जहां से एक लाइन महू और दूसरी पीथमपुर की ओर जाएगी।

सिंहस्थ 2028 के कारण निर्माण में देरी
पहले योजना थी कि सिंहस्थ 2028 से पहले इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाए। लेकिन सर्वे और DPR तैयार होने में देरी के कारण इस योजना में बदलाव किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर अभी निर्माण कार्य शुरू किया गया तो सिंहस्थ मेले के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। इसी कारण अब अनौपचारिक रूप से यह माना जा रहा है कि उज्जैन रूट पर मेट्रो निर्माण का काम सिंहस्थ 2028 के बाद शुरू किया जाएगा। हालांकि अभी इस पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

हर 30 मिनट में चलती है मेट्रो सेवा
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार दोनों दिशाओं में 25-25 फेरे लगाए जाते हैं। यानी पूरे दिन में कुल 50 ट्रिप होती हैं। मेट्रो सेवा सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहती है। यात्रियों को लगभग हर 30 मिनट में एक मेट्रो ट्रेन मिल जाती है। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होता है और लोगों को तेज और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलता है। बता दें कि इंदौर मेट्रो के किराए को अलग-अलग दूरी के आधार पर 5 जोन में बांटा गया है। इन जोन के अंतर्गत कुल 28 मेट्रो स्टेशन आएंगे। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार न्यूनतम किराया 20 रुपये रखा गया है, जबकि अधिकतम किराया 80 रुपये तक हो सकता है। 

शहर के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा फायदा
इंदौर मेट्रो के इस प्रस्तावित विस्तार से शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इससे लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का विकल्प मिलेगा। इसके अलावा मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से आसपास के शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। खासकर उज्जैन, महू और पीथमपुर जैसे शहरों के लिए यह परियोजना काफी अहम साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इंदौर मेट्रो नेटवर्क मध्य प्रदेश के आर्थिक और शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

Related Articles

Back to top button