मध्यप्रदेश

कटनी मार्बल को मिलेगा GI टैग? शुरू हुई प्रक्रिया, दुनिया तक पहुंचाने की तैयारी

कटनी
कटनी का मार्बल एक बार फिर सुर्खियों में है। अपनी बेहतर गुणवत्ता के लिए देशभर में पहचाने जाने वाले इस पत्थर को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। वर्षों से सुस्त पड़े मार्बल कारोबार को नई उड़ान देने के लिए जिला प्रशासन ने जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यदि यह प्रक्रिया पूरी होती है तो कटनी का मार्बल भी उन चुनिंदा उत्पादों की श्रेणी में शामिल हो सकता है, जिनकी पहचान उनके भौगोलिक क्षेत्र से होती है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

उद्यमी संवाद में कारोबारियों ने रखी जीआई टैग की मांग
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 के तहत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत गुदरी में आयोजित उद्यमी संवाद में जिलेभर के मार्बल खदान संचालकों और व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी के सामने जीआई टैग की मांग रखी। कारोबारियों का कहना था कि कटनी के मार्बल की गुणवत्ता किसी से कम नहीं है, लेकिन ब्रांड पहचान और व्यवस्थित मार्केटिंग के अभाव में उद्योग लगातार पिछड़ रहा है। पूरी मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने महाप्रबंधक उद्योग ज्योति सिंह को सभी मार्बल उद्यमियों को एक मंच पर लाकर मार्बल एसोसिएशन का गठन एवं पंजीयन कराने के निर्देश दिए। इसके बाद यही पंजीकृत एसोसिएशन जीआई टैग के लिए औपचारिक आवेदन करेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आवेदन से लेकर पूरी प्रक्रिया तक जिला प्रशासन हर संभव सहयोग देगा।

कलेक्टर बोले- अब ब्रांड बनेगा कटनी मार्बल
कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि कटनी का मार्बल अपनी गुणवत्ता और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण अलग पहचान रखता है। अब आवश्यकता इसे एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करने की है। उन्होंने कहा कि कटनी मार्बल एसोसिएशन बनने और जीआई टैग मिलने के बाद कटनी मार्बल की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में इसकी अलग पहचान बन सके। 

उद्यमियों ने रखीं मार्बल उद्योग की बड़ी समस्याएं
संवाद के दौरान कारोबारियों ने केवल जीआई टैग ही नहीं, बल्कि उद्योग से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं भी प्रशासन के सामने रखीं। इनमें माइनिंग डेडरेंट की दर कम करना, मार्बल माइंस के वेस्ट मटेरियल के निस्तारण के लिए ईटीपी की व्यवस्था, कटनी स्टोन प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, नए भवनों में स्थानीय मार्बल के उपयोग को बढ़ावा देना, निर्बाध बिजली आपूर्ति और ई-खनिज पोर्टल के अपडेट जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं, कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि कटनी के मार्बल उद्योग को फिर से आर्थिक मजबूती देना है। 

Related Articles

Back to top button