भारतमध्यप्रदेश

खेलों से जागती है टीमवर्क और लीडरशिप की भावना-स्वप्ना वर्मा 

सतना में महिला एवं पुरुष विराट कुश्ती दंगल

सतना। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महिला एवं पुरुष वर्ग का विराट कुश्ती दंगल का आयोजन स्थनीय कलेक्ट्रेट के पीछे के मैदान हुआ जिसमें अंतर्राष्ट्रीय पहलवानों ने भी अपने दाव पेंच  दिखाए।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ स्वप्ना वर्मा ने कहा है कि खेल टीम वर्क और लीडरशिप की भावना विकसित करने में मददगार है।
कार्यक्रम के आयोजक कुश्ती दंगल के जिलाध्यक्ष राजेश दुबे ने बताया कि आयोजन की मुख्य अतिथि डॉ स्वप्ना वर्मा अध्यक्षता मनीष सिंह प्रेसिडेंट प्रिज्म जॉनसन सीमेंट लिमिटेड सतना, विशिष्ट अतिथि के रूप में बड़ा देव पीठाधीश्वर डॉ विपिन कृष्ण जी महाराज, अनुराग त्रिपाठी अल्ट्राटेक सीमेंट पंडित कमलाकर चतुर्वेदी मनोहर डिगवानी सतना मोटर ट्रांसपोर्ट के अध्यक्ष मनोज शर्मा,प्रिज्म जॉनसन सीमेंट लिमिटेड सतना के जी एम देवेंद्र मिश्र,जयप्रकाश शर्मा गुड्डा, aks यूनिवर्सिटी के अमित सोनी टी सिटी कोतवाली रविंद्र द्विवेदी महेश तिवारी आयुषी तिवारी की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ स्वप्ना वर्मा ने कहा है कि खेल टीम वर्क और लीडरशिप की भावना विकसित करने में मददगार है।
कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए डॉ वर्मा ने कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और आयोजकों द्वारा डॉ वर्मा का स्वागत किया गया। मधुरिमा सेवा संस्कार संस्थान की संस्थापिका डॉ वर्मा ने कहा कि खेल टीमवर्क और लीडरशिप का भाव जगाने में सक्षम है। इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन का हिस्सा खेल को बनाना चाहिए और इसके जरिए अपने भीतर खेल भावना विकसित करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा खेल एक तरफ जहां शरीर को स्वस्थ बनाते हैं वहीं दूसरी ओर खेल से तनाव का स्तर कम होता है और खेल से लेखन-पढ़ाई बेहतर होती है।खेल के माध्यम से नीरस जीवन में ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही वर्तमान दौर में खेल रोजगार का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल स्पर्धा में हिस्सा लेकर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को रोजगार भी मुहैया करा रही हैं। डा वर्मा ने कहा खेल हमारे जीवन का आवश्यक हिस्सा है। स्वस्थ शरीर और दिमाग काे विकसित करने के लिए खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार पढ़ाई के दौरान कई बार तनाव की स्थिति होती है। ऐसे में खेल इस तनाव को दूर करने का बेहतर माध्यम है। दिमाग के सही विकास के लिए शिक्षा जरूरी है, उसी तरह शारीरिक विकास के लिए खेल महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा के माध्यम से हम टीम भावना नहीं सीख सकते, लेकिन खेल से यह संभव है।
समाजसेवी डॉ वर्मा ने आगे कहा कई स्कूलों में शिक्षा पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है लेकिन खेलों पर नहीं। कुछ स्कूल तो ऐसे हैं जहां खेल सीमित ही होते हैं। ऐसे में अभिभावक की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्हें अपने स्तर पर ही बच्चों को खेल से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
इस दंगल में महिला पहलवान व पुरुष पहलवान ने करारी शिकस्त दी। हरियाणा से कोमल पहलवान ने बरेली के शेरा पहलवान को दी पटखनी, अयोध्या के महंत लक्ष्मण दास पहलवान ने दिल्ली के गोगा असलम को मात दी,राणा थापा ने पहाड़ सिंह को मात दी आयोजन में राजू पहलवान पीली कोठी चित्रकूट जीव पहलवान गोरखपुर उमाशंकर यादव चित्रकूट उदय पहलवान सतना गोगा असलम दिल्ली शैतान पहलवान दिल्ली जागृति पहलवान बांदा पूनम पहलवान इटावा समेत कई राज्यों के पहलवानो ने अपनी कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए आयोजन स्थल पर मौजूद हजारों की तादाद को मंत्र मुक्त कर दिया, वही कार्यक्रम के आयोजन पंडित राजेश दुबे ने बताया कि कुश्ती और दंगल के कला कौशल का भव्य प्रदर्शन के आयोजन का यह 15 वर्ष रहा आगे भी इस तरह के आयोजन सतना में होते रहेंगे इन आयोजनों से पुरानी खेल विद्या से आधारित युग में परिचय कराने का हमारा एकमात्र उद्देश्य है।
 इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश दुबे उपाध्यक्ष राम अवतार त्रिपाठी संरक्षक ज्ञान शर्मा शैलेंद्र शर्मा कमलनयन शुक्ला रामस्वरूप यादव अनिल प्रजापति रणधीर झा अवनीश शर्मा गुड्डा शर्मा पवन पांडे उमेश यादव सिद्धार्थ पांडे राखी दुबे अजय पाल शर्मा राम बहादुर सिंह सुधीर मिश्रा आदि सहित कमेटी सदस्य उपस्थित रहे

Related Articles

Back to top button