मनोरंजन

भोजपुरी सिनेमा के बचाव में उतरे निरहुआ, बोले हर जगह कमियां होती हैं

भोजपुरी सुपरस्टार-पॉलिटिशियन दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने भोजपुरी सिनेमा पर चल रही पुरानी आलोचनाओं पर अपनी राय दी है. भोजपुरी सिनेमा पर आरोप लगता आया है कि वहां एक्ट्रेसेस को ऑब्जेक्ट की इस्तेमाल किया जाता है. भोजपुरी सिनेमा पर अश्लीलता को बढ़ावा देने के आरोप भी लगते आए हैं. जानते हैं कि भोजपुरी सिनेमा के बचाव में निरहुआ क्या बोले.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

भोजपुरी सिनेमा पर क्या बोले निरहुआ
निरहुआ ने कहा कि कुछ फिल्मों के आधार पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री को आंकना गलत है. IANS से बात करते हुए उन्होंने कहा- हर रीजनल और नेशनल फिल्म इंडस्ट्री में हर तरह की फिल्में बनती हैं. भोजपुरी सिनेमा को अलग तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा- मेरा मानना है कि हर इंडस्ट्री में हर तरह की सिनेमा बनती है, हर तरह का कंटेंट होता है. जैसे बॉलीवुड है, साउथ इंडियन सिनेमा है, भोजपुरी सिनेमा है और मराठी सिनेमा है. हर इंडस्ट्री अपने-अपने दर्शक वर्ग को कवर करती है.

लोगों की धारणा है कि भोजपुरी फिल्मों में ज्यादातर आपत्तिजनक कंटेंट होता है. इस पर निरहुआ ने समझाया कि ऐसा तब बनता है, जब बाकी कामों को छोड़ कर सिर्फ किसी एक कैटेगरी की फिल्मों को ही उजागर किया जाता है. उन्होंने कहा- पर जब हम सिर्फ किसी एक हिस्से के काम को हाइलाइट करते हैं, तो ऐसा लगने लगता है कि वही एक तरह का काम हो रहा है. ऐसा सच नहीं है. अच्छा काम और बुरा काम हर जगह होता है.

वो बताते हैं कि कमियां सभी इंडस्ट्रीज में हैं और इन्हीं कमियों के आधार पर पूरे पेशे को परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए. मैं एक बहुत अच्छी लाइन कहूंगा, लाख और बुराई सब में होती है. कोई भी इंसान कमी से परे नहीं होता. जहां गुलाब में कांटे न हों, ऐसा बाग दिखा दीजिए. ये हर कहीं होता है. बस कुछ चीजें ज्यादा हाइलाइट हो जाती हैं तो लोग मानने लगते हैं कि वही सब कुछ है.

भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक निरहुआ ने कई सफल फिल्में की हैं, जिनमें ‘निरहुआ रिक्शावाला’, ‘निरहुआ हिंदुस्तानी’, ‘पटना से पाकिस्तान’, ‘बॉर्डर’, ‘सिपाही’, ‘जिगरवाला’ और ‘निरहुआ चलल लंदन’ शामिल हैं. भोजपुरी फिल्मों के अलावा निरहुआ ओटीटी पर वेब शोज भी कर रहे हैं.

 

Related Articles

Back to top button