मध्यप्रदेश

NAAC की तर्ज पर मध्यप्रदेश में SAAC की शुरुआत, 341 संस्थानों को मिलेगा प्रशिक्षण

भोपाल 

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उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रकोष्ठ (स्टेट लेवल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन सेल–SAAC) का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार NAAC की तर्ज पर स्थापित यह प्रकोष्ठ राज्य के महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन एवं प्रत्यायन की प्रक्रिया को सुदृढ़ कर राष्‍ट्रीय मूल्‍यांकन एवं प्रत्‍यायन की प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।

SAAC के अंतर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के 341 शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों का राज्य स्तरीय मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 21, 22 एवं 23 जुलाई 2026 को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 जुलाई को 113 महाविद्यालयों, 22 जुलाई को 113 महाविद्यालयों तथा 23 जुलाई को 115 महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यशालाओं में प्रतिभागियों को SAAC के मूल्यांकन मानदंडों, गुणवत्ता संकेतकों, दस्तावेजीकरण, संस्थागत तैयारियों तथा प्रत्यायन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।

उच्च शिक्षा विभाग का उद्देश्य SAAC के माध्यम से प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता संस्कृति को विकसित करना, राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन व्यवस्था को मजबूत बनाना, संस्थानों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार करना तथा सतत गुणवत्ता सुधार एवं संस्थागत उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है।

उच्‍च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार गुणवत्ता, पारदर्शिता, उत्कृष्टता के मूल मंत्र के साथ SAAC प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री होंगे मुख्‍य अति‍थि

22 जुलाई 2026 को आयोजित SAAC प्रशिक्षण कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे SAAC का विधिवत उदघाटन करते हुए SAAC के लोगो का अनावरण करेंगे।

उच्‍च शिक्षा विभाग की इस महत्वपूर्ण पहल पर प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता सुधार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए विभाग की प्राथमिकताओं से अवगत कराएंगे।

 

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