खेल

पिंकी बलहारा ने एशियन गेम्स में जीता ब्रॉन्ज, कुराश में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला

 नई दिल्ली
एशियन गेम्स-2026 में भारत के लिए सोमवार को पिंकी बलहारा ने कुराश में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस मेडल के साथ ही पिंकी ने इतिहास रच दिया। पिंकी को महिलाओं की 78 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल मैच में साउथ कोरिया की सुमिन मो के हाथों 0-5 से हार झेलनी पड़ी और इस तरह उनके हिस्से ब्रॉन्ज मेडल आया।

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ये पिंकी का एशियन गेम्स में दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने जकार्ता में साल 2018 में हुए एशियन गेम्स में 52 किलोग्राम भारवर्ग में मेडल अपने नाम किया था। इस बार मेडल जीतते हुए पिंकी ने इतिहास रच दिया। वह कुराश में एशियन गेम्स में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

ऐसा रहा सफर
प्री क्वार्टर फाइनल में पिंकी को बाय मिली थी और इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने गारम लिन को 3-0 से मात देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया था। सेमीफाइनल में अगर वह जीत जातीं तो गोल्ड की दावेदार होतीं। इस जीत के बाद पिंकी ने कहा कि वह घुटने के दर्द से परेशान थीं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में पिंकी के हवाले से लिखा है, "क्वार्टर फाइनल मैच में मैं चोटिल हो गई थी। मुझे घुटने में चोट लगी थी। क्वार्टर फाइनल में भी मेरे सामने कोरियाई खिलाड़ी थी। इसलिए सेमीफाइनल में मेरी विरोधी जानती थी कि मुझे दाएं घुटने में चोट लगी है।"

दिल्ली के नेब सराय की रहने वाली पिंकी ने कहा, "मैं अटैक कर रही थी, लेकिन वह मेरे घुटने पर बार-बार मार रही थीं। इसलिए मैं पेनल्टी पर हार गई। 78 किलोग्राम में मेरा दूसरा टूर्नामेंट है। इससे पहले मैं मई में उज्बेकिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप में इस कैटेगरी में खेली थी।"

नौ साल की उम्र में शुरू किया था सफर
पिंकी मुनिरका में बाबा गंगा नाथ जूडो और कुराश अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं जिसके उनके मामा और जाने-माने कोच समुंदर टोकस चलाते हैं। नौ साल की उम्र में पिंकी ने कुराश खेलना शुरू किया था।

क्या है कुराश खेल?
कुराश मार्शल आर्ट की एक पुरानी विधा है जो सेंट्रल एशिया खासकर उज्बेकिस्तान में होती है। इसे दो खिलाड़ी खेलते हैं जिनमें से एक हरी जैकेट पहनता है तो दूसरा नीली। इसमें टारगेट दूसरे खिलाड़ी को जमीन पर गिराना होता है। अगर पीठ के बल गिरा दिया जाता है तो गिराने वाले को जीत दे दी जाती है। अगर साइड से गिराया जाता है तो अंक मिलते हैं। अगर पेट के बल या साइड से गिराया जाता है तो कम अंक मिलते हैं। जिसके ज्यादा अंक होते हैं वही खिलाड़ी जीतता है।

 

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