भारत

पीएम मोदी ने कांग्रेस के युवा नेताओं को बताया टैलेंटेड, एनडीए से किए तुलना

नई दिल्ली 
पीएम मोदी ने चाय मीटिंग में एनडीए नेताओं के सामने कांग्रेस के कई युवा नेताओं की तारीफ की और कहा कि विपक्ष खासकर कांग्रेस में कई युवा नेता काफी टैलेंटेड हैं, लेकिन ‘परिवार की असुरक्षा’ की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। इंडिया टुडे के सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस तरह के युवा नेताओं की मौजूदगी राहुल गांधी गांधी को असुरक्षित और घबराहट महसूस करवा रही होगी।

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इस बैठक में विपक्ष का कोई भी सांसद शामिल नहीं हुआ और सिर्फ एनडीए के ही सदस्य मौजूद थे। पीएम मोदी ने आज खत्म हुए संसद के मॉनसून सत्र को भी अच्छा बताया और कहा कि इसमें कई महत्वपूर्ण बिल पास हुए। खासतौर पर उन्होंने ऑनलाइन गेम्स बिल के पास होने की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इसके पास होने से दूरगामी असर पड़ेगा और यह सीधे जनता को प्रभावित करेगा। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पीएम मोदी ने प्रमुख बिलों पर चर्चा से दूर रहने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सिर्फ व्यवधान पैदा करने में ही लगा रहा। बता दें कि 20 अगस्त को संसद में प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 पास हो गया, जिसमें ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों और उनके प्रमोटर्स के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि मॉनसून सत्र में 14 विधेयक पुर:स्थापित किए गए तथा कुल 12 विधेयक पारित किए गए। बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले गुरुवार को अपने वक्तव्य में कहा कि इस सत्र में 14 सरकारी विधेयक पुर:स्थापित किए गए तथा कुल 12 विधेयक पारित हुए। गत 28 और 29 जुलाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा हुई, जिसका समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तर के साथ हुआ। 18 अगस्त को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों पर विशेष चर्चा आरंभ की गई।

उन्होंने कहा कि इस सत्र में कार्यसूची में 419 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, किंतु लगातार नियोजित व्यवधान के कारण केवल 55 प्रश्न ही मौखिक उत्तर हेतु लिए जा सके। उन्होंने कहा, ''हम सभी ने सत्र के प्रारंभ में तय किया था कि हम इस सत्र में 120 घंटे चर्चा और संवाद करेंगे। कार्य मंत्रणा समिति में भी इस पर सहमति थी लेकिन लगातार गतिरोध और नियोजित व्यवधान के कारण हम मुश्किल से 37 घंटे ही इस सत्र में काम कर पाए।''

 

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