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तमिलनाडु रामलिंगम हत्याकांड: NIA ने छापेमारी कर PFI से जुड़े आरोपी को किया गिरफ्तार

तमिलनाडु
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2019 में हुए रामलिंगम हत्या कांड मामले में तमिलनाडु में नौ जगहों पर छापेमारी की है। डिंडीगुल और तेनकासी जिलों की इन जगहों पर एनआईए की छापेमारी का मकसद फरार अपराधियों का पता लगाना था। इसी सिलसिले में एनआईए ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया आतंकी संगठन के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में सबसे पहले एसडीपीआई पदाधिकारी शेख अब्दुल्ला के बेगमपुर स्थित आवास, एक और सदस्य यूसुफ के ओड्डंचत्रम स्थित घर और अमर के बटलागुंडु के ठिकाने पर छापे मारे गए इसी तरह तेनकासी में भी छापेमारी की गई।

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एजेंसी ने कोडईकनाल स्थित अंबुर बिरयानी होटल्स के मालिक इम्थातुल्लाह को 2021 में फरार अपराधियों को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। डिंडीगुल और तेनकासी में हुई छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक बिरयानी होटल्स के मालिक इम्थातुल्लाह ने तीन आरोपियों को पनाह दी थी। इनमें से दो आरोपी अब्दुल मजीद और शाहुल हमीद को एजेंसी ने जनवरी 2025 में ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि एक अन्य अपराधी मोहम्मद अली जिन्ना अभी भी फरार है। एजेंसी ने जिन्ना और दो अन्य फरार पीओ बुरहानुद्दीन और नफील हसन के बारे में जानकारी देने पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। ये सभी तंजावुर जिले के हैं और पूर्व में पीएफआई के पदाधिकारी थे।

आपको बता दें कुंभकोणम निवासी पीएमके के पूर्व पदाधिकारी रामलिंगम (48) की हत्या 2019 में तंजावुर इलाके में कर दी गई थी। कथित तौर रामलिंगम ने मुस्लिम संगठनों के धार्मिक प्रचार का विरोध किया था। इसी के चलते एक गिरोह ने इनकी हत्या कर दी थी। अगस्त 2019 में एनआईए ने यह मामला तमिलनाडु पुलिस से अपने पास ले लिया। एजेंसी ने 2019 में चेन्नई की पूनमल्ली स्थित अपनी विशेष अदालत में कुल 18 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इनमें से कुल 6 फरार बताए गए थे। इस मामले में अभी तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

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