
रायपुर,छत्तीसगढ़ के राजिम में कुंभ की भव्यता फिर लौट आई है।राजिम कुंभ मेला स्थल में प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र और उनके छत्तीसगढ़ वनवास अवधि पर आधारित जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 7 जनवरी 2024 को राजिम भक्तिन माता जयंती के अवसर पर कहा था कि राजिम कुंभ की भव्यता पुनः लौटेगी। देश भर से साधु संत इसमें शामिल होने आएंगे। मुख्यमंत्री साय की विशेष पहल से राजिम कुंभ की वैभवता पुनः लौट आई है। संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की निर्देशन में राजिम कुंभ कल्प-2024 इस बार भगवान श्रीराम को समर्पित करते हुए पूरे कुंभ की संरचना श्रीराम की थीम पर आधारित किया गया है। कुंभ मेला परिसर में जगह-जगह भगवान श्रीराम और उनके आराध्य भगवान सदाशिव की प्रतिमाएं रंगोली और कट-आउट जगह-जगह नजर आने से पूरा राजिम राममय नजर आ रहा है। यहां पर आने वाले स्थानीय लोक मंच के कलाकार सहित राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की गायिकी में भी राम रस बरसता हुआ नजर आ रहा है। भगवान श्री राजीव लोचन जो स्वयं भगवान विष्णु के अवतार है, तो प्रभु श्री राम भी विष्णु के अवतार है और यहां पर श्रीराम की थीम पर आयोजित कुंभ में जगह-जगह विराजे राम को देखकर ऐसा लगता है मानो छत्तीसगढ़ की इस पावन धरा में स्थित लोमश ऋषि आश्रम में पुनः राम पधारे हो और संगम के तट पर राम का राम से मिलन हो रहा है। इस अनुपम छटा का साक्षात्कार जब शाम को लेजर लाइट और साउंड के माध्यम से होता है तब उपस्थित जन समुदाय भक्ति के उस रोमांच से भाव विभूत हो जाता है जिसका वर्णन करना जन-साधारण के लिए असंभव है, इस रोमांच को सिर्फ महसूस किया जा सकता है।
राजिम कुंभ मेला स्थल में प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र और उनके छत्तीसगढ़ वनवास अवधि पर आधारित जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया जा रहा है। जोकि मेला में पहुंचने वाले समस्त श्रद्धालुओं को अपनी ओर सहर्ष आकर्षित कर रहा है। लोग धार्मिक सद्भाव और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के आदर्शाे को अनुभव कर झांकी आनंद उठा रहे हैं।
– मेला में मुख्यमंच पर राष्ट्रीय एवं लोक कलाकारों की प्रस्तुति देखकर दर्शक भी झूमने को मजबूर हो रहे हैं। 24 फरवरी से शुरू हुए राजिम कुंभ के दूसरे दिन रविवार को मुख्यमंच पर छत्तीसगढ़ के फिल्म स्टार राजेश अवस्थी की शानदार प्रस्तुति देखकर दर्शक भी थिरकने लगे। मुख्य मंच पर कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति लोकधारा के संचालक राजेश साहू करडरका कुम्हारी ने गणेश वंदना के साथ शुरूआत की। कुमार पण्डित ने शास्त्रीय गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति अमर श्रीवास की टीम द्वारा छतीसगढ की परंपरा को जीवंत दिखाने का बखूबी प्रयास किया। मंगलवार 27 फरवरी को मुख्यमंच पर गोपा सान्याल की टीम और उर्वसी साहू लोक कलामंच की प्रस्तुति होगी। अन्य कार्यक्रमों में भावना टांक रायपुर द्वारा गायन, रोशन कुमार साहू नंदनी द्वारा हमर छत्तीसढ़ लोकमंच की प्रस्तति होगी।
राजिम कुंभ मेला में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं, मेलार्थी को किसी प्रकार की परेशानिया न हो इसका पूरा ख्याल रखा गया है। राजिम मेला पहुंचने के लिए रायपुर, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद चारों जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से बसों की सुविधा उपलब्ध की गई है। वहीं मेला में आए सभी श्रद्धालुओं के मूलभूत सुविधाएं जैसे भोजन, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था रखी गई है।