संजय पाठक के पीछे हाथ धोकर पड़ी मुसीबतें

भोपाल, मध्य प्रदेश की राजनीति में सबसे अमीर जनप्रतिनिधियों में से एक हैं कटनी जिले के विजय राघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक, लगता है इन दोनों मुसीबतें उनके पीछे हाथ धोकर पड़ गई हैं, यही कारण है कि एक पत्रकार की पिटाई के मामले में न्यायालय ने प्रकरण को जबलपुर स्थित एमपी एमएलए न्यायालय में स्थानांतरित करने की सिफारिश की है।
पूरा मामला पिछले दिनों एक पत्रकार रवि गुप्ता से जुड़ा हुआ है जिन्हें मारा पीटा गया था और विधायक पाठक के साथ इस घटनाक्रम में कई अन्य लोग भी शामिल थे, इस मामले को लेकर रवि गुप्ता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
इस मामले में न्यायालय की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि प्रकरण का अवलोकन करने से स्पष्ट है कि अनावेदक और साथियों ने आवेदक के साथ मारपीट की थी तथा सार्वजनिक स्थल पर या उसके समीप उसे अश्लील गालियां दी थी एवं उसके साथ ही आवेदक को इसकी मर्जी के बिना कार में बैठ कर ले गए तथा बाद में उसे मारपीट कर कार से बाहर फेंक दिया। इतना ही नहीं अनावेदक गणों द्वारा आवेदक को जान से मारने की धमकी दी गई। प्रथम दृष्टया अभियुक्त गण के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 294, 365, 366 और 506 भाग 2 के अंतर्गत अपराध बना प्रतीत होता है ।इसीलिए अभियुक्त गण के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जाए, किंतु यह मामला अनावेदक संजय पाठक एमएलए हैं ऐसी स्थिति में उक्त अनावेदक के विरुद्ध प्रकरण इस न्यायालय में विचाराधीन नहीं रह सकता क्योंकि मंत्री विधायक आदि के लिए जिला जबलपुर में अलग से न्यायालय निर्मित की गई है, उक्त प्रकरण उसी न्यायालय विचाराधीन होगा ऐसी स्थिति में इस प्रकरण को जबलपुर की एमपी एमएलए न्यायालय में स्थानांतरित किया जाना उचित प्रतीत होता है,उक्त प्रकरण को जबलपुर के न्यायालय में स्थानांतरित किया जाता है।
इससे पहले संजय पाठक ने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर वोटिंग कराई थी तो उसके नतीजे भी उन्हें ज्यादा खुश करने वाले नहीं थे उसके बाद एक मीडिया हाउस का सर्वे भी उनके खिलाफ गया था। कुल मिलाकर लगता तो यही है कि मुसीबतें उनके पीछे हाथ धोकर पड़ गई है।