मध्यप्रदेश

शिवराज सरकार ने फिर संविदा कर्मचारियों के साथ किया छलावा-सैयद जाफर

प्रशासन विभाग ने जटिल नियम बनाए

भोपाल, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के पूर्व उपाध्यक्ष सैयद जाफर ने प्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा संविदा कर्मचारियों को लेकर बनाई गई नीति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मध्य प्रदेश शासन के समान प्रशासन विभाग के द्वारा जारी की गई संविदा नीति 2023 में नियमित पद के समकक्ष  मानदेय देने का जो उल्लेख किया गया है उसमे इतने जटिल नियम बनाए गए है की प्रदेश की शिवराज सरकार सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित पद के समकक्ष 100% मानदेय देना संभव ही नहीं है.
जाफर ने कहा कि संविदा कर्मचारियों द्वारा वर्षों से मुख्यमंत्री से की  जा रही नियमित  करने की मांग आज भी है अधूरी है। कल जारी हुई नीति से इतना जरूर जाहिर है कि संविदा कर्मचारी शिवराज सरकार में अब हमेशा संविदा पर ही परमानेंट रहेगा।
 जाफर ने कहा कि वर्ष 2018 में बनाई गई संविदा नीति के तहत संविदा कर्मचारियों को नियमित पद के समकक्ष 90% मानदेय देना था लेकिन आज दिनांक तक नहीं दिया गया। संविदा नीति 2018 के अंतर्गत 20% संविदा कर्मचारियों को नियमित करना था आज तक कोई संविदा कर्मचारी नियमित नहीं हुआ।यही नहीं संविदा कर्मचारी की नियुक्तिकर्ता अधिकारियों को कभी भी संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के अधिकार आज भी बरकरार है।
जाफर ने कहा कि वर्ष 2018 में संविदा नीति में 20% नियमित करने के स्थान पर 50% का उल्लेख तो है लेकिन नियम इतने जटिल कि शिवराज सरकार संविदा कर्मचारियों को कब नियमित कर पाएगी, कोई भरोसा नहीं, कैसे होगा संविदा कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित?

Related Articles

Back to top button