मध्यप्रदेश

प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले से प्रतिबंध एक मई से हट जाएगा, 1 से 30 मई के बीच होंगे तबादले

भोपाल
प्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले से प्रतिबंध एक मई से हट जाएगा। तबादले एक से 30 मई में के बीच किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक से पहले मुख्य सचिव अनुराग जैन को निर्देश दिए कि अगली कैबिनेट बैठक में तबादला नीति 2025 का प्रारूप प्रस्तुत किया जाए। प्रदेश में वर्ष 2021 में तबादला नीति घोषित की गई थी, उसके बाद से सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध है। केवल मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से ही तबादले किए जा रहे हैं।

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मंत्रियों की मांग और प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए सरकार ने 29 जनवरी 2025 को तबादला नीति में संशोधन कर यह प्रविधान किया था कि विशेष परिस्थिति में प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले विभागीय मंत्री के अनुमोदन से किए जा सकते हैं।
इसमें गंभीर बीमारी, न्यायालय के दिशा-निर्देश, गंभीर शिकायत, लोकायुक्त या आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा किसी शासकीय सेवक के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने या जांच प्रभावित किए जाने की संभावना, निलंबन, त्यागपत्र, प्रतिनियुक्ति से वापसी और कर्मचारी के निधन से रिक्त पद की पूर्ति को शामिल किया गया था।

यह व्यवस्था भी अधिक कारगर नहीं हुई। जनप्रतिनिधि भी तबादले से प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे थे। इसे देखते हुए अब सरकार ने तय किया है कि तबादले पर से प्रतिबंध एक से 30 मई तक के लिए हटा दिया जाएगा।
इस अवधि में प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर तबादले किए जा सकेंगे। जिले के भीतर तबादले करने का अधिकार प्रभारी मंत्री के पास रहेगा।
मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से हुए तबादले उसी सूरत में निरस्त किए जा सकेंगे, जब मुख्यमंत्री समन्वय से ही अनुमति प्राप्त कर ली गई हो।
आदिवासी क्षेत्रों में तबादला करने से पहले यह जरूर देखना होगा कि वहां पद रिक्त तो नहीं हो जाएगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो पहले उस स्थान की पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

20 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे तबादले
विभागीय सूत्रों का कहना है कि किसी भी संवर्ग में 20 प्रतिशत से अधिक तबादले करने का अधिकार नहीं दिया जाएगा।
यदि कोई संवर्ग 200 का है तो 20 प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे।
201 से लेकर 2000 तक के संवर्ग में 10 प्रतिशत और 2000 से अधिक के संवर्ग में पांच प्रतिशत तक ही तबादले करने का अधिकार दिया जाएगा।

 

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